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अभी 10% बस चलाने का ऐलान, अंदरूनी इलाकों में चलाने पर असमंजस

राज्य बस ऑपरेटर महासंघ ने यात्री बस संचालन को लेकर सहमति दे दी है। बड़े बस ऑपरेटरों के बीच बनी सहमति के बाद उसने मौजूदा हालात में रविवार से 10 फीसदी बस चलाने ऐलान किया है। जिले के छोटे बस ऑपरेटर अब भी असमंजस में हैं कि वे बसें चलाएं या नहीं। अंदरूनी मार्गों में बस चलने को लेकर अभी भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। शनिवार शाम तक यह भी तय नहीं हो पाया था कि रायपुर-जगदलपुर मार्ग में कौन-सी कंपनी की कब बस चलेगी।
रविवार को यात्री बस संचालन को लेकर भी रायपुर में बस ऑपरेटरों की बैठक चलती रही। इसके नतीजे का स्थानीय बुकिंग एजेंट बेसब्री से इंतजार करते रहे। राज्य शासन ने यात्री बसों को राज्य के अंदर एक जिले से दूसरे जिले में संचालित करने कोरोना वायरस से बचाव के लिए सशर्त अनुमति दी है। 10 दिनों पहले 25 जून को शासन ने यात्री बस संचालन को लेकर आदेश जारी किया था लेकिन ऑपरेटरों ने उन शर्तों के साथ बस संचालन करने से इंकार कर दिया था। इसके बाद शासन के साथ बस ऑपरेटरों की कई बार बैठकें भी हुई लेकिन सभी नतीजे विफल रहे। इसी बीच शासन से मिले आश्वासन के बाद महासंघ ने रविवार 5 जुलाई से बसों के संचालन का एेलान कर दिया। शुरूआती दौर में 10 प्रतिशत ही बसों के संचालन का फैसला लिया गया है। स्थानीय बुकिंग एजेंट सैयद जावेद अली ने बताया कि बस मालिकों की अब भी बैठक चल रही है। रात तक स्थिति स्पष्ट हो जाएगी कौन सी बस कब कांकेर पहुंचेगी। एजेंट की माने तो महेंद्रा ट्रेव्हल्स की रायपुर जगदलपुर मार्ग में करीब 50 यात्री बसें चलती है। 10 प्रतिशत के अनुपात से कंपनी की मात्र 5 यात्री बस इस मार्ग में चलेगी। नागराज ट्रेव्हल्स के संचालक ने बताया कि उनके वाहन मात्र दो मार्ग में चलते हैं। वे रविवार से नरहरपुर-भानुप्रतापपुर तथा कांकेर-बालोद मार्ग में नियमानुसार वाहन का संचालन करेंगे।
ये थीं मांगें और ये होगा नुकसान
बस ऑपरेटरों ने डीजल पेट्रोल के दाम बढऩे व सोशल डिस्टेंस कायम रखने यात्री भाड़ा बढ़ाने की मांग की थी। साथ ही टैक्स में भी छूट की मांग की गई थी। शासन ने यात्री किराया बढ़ाने से मना कर दिया था। सूत्रों के अनुसार बाद में किराया बढ़ाने आश्वासन मिलने के बाद बस संचालन के लिए तैयार हो गए। वर्तमान में बारिश व खेती किसानी का समय है। इससे यात्रियों की काफी कम संख्या होती है। खासकर अंदरूनी मार्ग में वाहन खाली चलते हैं। इससे वर्तमान में वाहन चलाने से मालिकों को नुकसान होगा।

‘आई फाॅर्म जमा’, अब कैसे बस चलाएं
जिला यात्री बस संगठन अध्यक्ष राजू खटवानी ने बताया अचानक कल फैसला लिया गया है कि रविवार से बस का संचालन करेंगे। इसके पूर्व बस नहीं चलाने पर टैक्स से बचने 6 जुलाई तक आई फार्म जमा करने कहा गया था। अधिकांश बस मालिकों ने टैक्स से बचने अपने वाहन का आई फार्म भर दस्तावेज के साथ परिवहन विभाग में जमा कर दिया है। इसके लिए प्रति वाहन एक हजार रूपए शुल्क भी जमा किया गया है। ऐसे में अब बिना कागजात के रविवार से कैसे बस का संचालन हो पाएगा।

अभी कुछ स्पष्ट नहीं बस मालिक करेंगे तय
नरेश व कांकेर रोडवेज के बुकिंग एजेंट पिंकू ठाकुर ने बताया कि यात्री वाहन संचालन को लेकर अभी कुछ भी स्पष्ट नहीं है। बस मालिक ही तय करेंगे कि कौन सी बस का कब संचालन करना है। मीडिया से ही सूचना मिल रही है कि रविवार से बस संचालन होगा। हो सकता है अंदरूनी मार्ग के वाहन चलाए जाएं। रायल ट्रैव्हल्स के बुकिंग एजेंट मुन्ना खान ने बताया कि बस संचालन को लेकर शाम को बैठक चल रही है। इसके बाद ही कुछ स्पष्ट हो पाएगा।



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Announcement of running 10% bus now, Confusion over running in interior areas


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