बिनोद ओझा,राज्यसभा चुनाव में मिली हार के बाद कांग्रेस ने एक ओर जहां भाजपा पर हॉर्स ट्रेडिंग करने का आरोप लगाया है, वहीं प्रदेश प्रभारी आरपीएन सिंह और मंत्री आलमगीर आलम ने कहा है कि सहयोगी दल झामुमो से कोई मतभेद नहीं है। हार के सवाल पर आलमगीर आलम ने आरोप लगाया कि भाजपा ने हॉर्स ट्रेडिंग कर न सिर्फ जीत हासिल की बल्कि जीत से 4 वोट ज्यादा लाए। उन्होंने कहा कि भाजपा के पास जीत का आंकड़ा नहीं था। इसलिए उसने हॉर्स ट्रेडिंग को बढ़ावा दिया। भाजपा के पास कुल 26 वोट ही थे। उन्हें एक मत और मिल सकता था। लेकिन मिले 31 वोट। जो बिना हॉर्स ट्रेडिंग के संभव नहीं है। यूपीए फोल्डर के लोगों ने भी उन्हें वोट दिया।
भाजपा बताए कि वह रघुवर दास के साथ है या सरयू राय के : आरपीएन
भाजपा के राष्ट्रीय नेता ओम माथुर ने कहा है कि यूपीए में मतभेद हो गया है। क्या कहेंगे?
-गठबंधन में किसी तरह का मतभेद नहीं है बल्कि ओम माथुर को यह बताना चाहिए कि भाजपा पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के साथ है या सरयू राय के साथ।
कांग्रेस को रास चुनाव में मिली मात के क्या कारण हैं?
-कांग्रेस ने अपने विधायक संख्या से एक मत ज्यादा हासिल किया।
आप इस चुनाव से दूर रहे, कहीं इसका तो असर नहीं पड़ा?
-चुनाव का परिणाम लगभग पहले ही स्पष्ट हो चुका था ऐसे में मेरा होना ना होना एक था।
झामुमो ने भी अपने वोट कांग्रेस के लिए शिफ्ट नहीं कराए?
-झामुमो ने हमारे लिए काफी प्रयास किया। सीएम हेमंत सोरेन ने खुद सुदेश महतो से संपर्क किया था। जिन निर्दलीय विधायकों ने कांग्रेस से वादा किया था उन्होंने ने भी समर्थन नहीं दिया। आजसू और निर्दलीय का समर्थन मिल गया होता तो कांग्रेस अवश्य जीत लेती।
जिन निर्दलीय विधायकों ने सहयोग का वादा किया था उनके बारे में क्या राय है?
कांग्रेस भविष्य में अपनी रणनीति इसे ध्यान में रखकर बनाएगी पार्टी को कोई गलतफहमी नहीं होगी।
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