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Jharkhand daily news

झारखंड हाईकोर्ट ने शुक्रवार को एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार और रांची नगर निगम से बड़ा तालाब की दुर्दशा पर दो सप्ताह के अंदर जवाब मांगा है। हाईकोर्ट के इस आदेश के अगले ही दिन शनिवार को नगर निगम ने बड़ा तालाब की सफाई का अभियान तेज कर दिया।

एक दिन में 40 ट्रैक्टर से अधिक जलकुंभी निकाली गई। औघड़ बाबा आश्रम के पीछे तालाब में पोकलेन उतारकर जलकुंभी साफ की गई। हालांकि, जलकुंभी निकलने के साथ तालाब की दुर्दशा भी उजागर हो गई। क्योंकि, हर साल मानसून शुरू होने से पहले जिस तालाब में लबालब पानी भरा रहता था, उसी तालाब में इस बार कीचड़ ही कीचड़ दिख रहा है।

खानापूर्ति के लिए पहले लगाए गए थे 10 मजदूर
यह देखकर लोगों ने कहा कि सौंदर्यीकरण के नाम पर बड़ा तालाब की बलि चढ़ा दी गई। मालूम हो कि नगर निगम ने पिछले सप्ताह बड़ा तालाब की सफाई के लिए नियमित रूप से 10 कर्मचारी लगाए थे, लेकिन इतने कर्मचारी तालाब से जलकुंभी निकालने के लिए नाकाफी थे।



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The plight ... watercolor was removed, the reality was seen, the big pond which remained unoccupied turned into mud


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