पहली बारिश में ही मंगलवार को मेगा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के बिरसा मुंडा एथलेटिक्स स्टेडियम के अंदर की रेलिंग गिर गई थी। रेलिंग गिरने की खबर दैनिक भास्कर ने छापी। इसके बाद खेल सचिव पूजा सिंघल के आदेश पर खेल निदेशक अनिल कुमार सिंह ने बुधवार को स्टेडियम की जांच की। बताया कि एथलेटिक्स मैदान के टावर नंबर 1 से 4 के बीच में कुल 810 फीट रेलिंग सोमवार को गिरी थी। ठीक से पानी की निकासी नहीं हो पाई, जिसके चलते रेलिंग व डॉरमेट्री की गैलरी में 2 फीट से ज्यादा पानी जमा हो गया। रख-रखाव की जिम्मेवारी एमओयू के अनुसार जेएसएसपीएस की थी।
रख-रखाव जेएसएसपीएस के जिम्मे : निदेशक ने कहा कि इस वर्ष सरकार ने लगभग 27 लाख रुपए रख-रखाव के लिए जेएसएसपीएस को दिए हैं। ज्ञात हो कि यह स्थिति तब है जब हर वर्ष मेंटेनेंस, सुरक्षा व साफ-सफाई पर झारखंड स्टेट स्पोर्ट्स प्रमोशन सोसाइटी (जेएसएसपीएस) 5 करोड़ से ज्यादा खर्च करती है। जेएसएसपीएस झारखंड सरकार और सीसीएल की संयुक्त इकाई है।
कई स्टेडियम की स्थिति खराब पिलर व दीवारें दरकने लगीं
वीर बुधु भगत एक्वेटिक स्टेडियम के अंदर बने रूम में पीपल के पेड़ उग आए हैं। दरवाजों के कई शीशे टूट गए।
टाना भगत स्टेडियम की छत का हिस्सा पिछले 3 वर्षों से रिपेयरिंग की बाट जोह रहा।
विश्वानाथ इंडोर स्टेडियम की छत का कुछ हिस्सा टूटा हुआ है। कई जगह फॉल्स सीलिंग हट गया है। दीवारों में काई जम गई है।
मुख्य स्टेडियम के इंडोर वॉर्मअप ट्रैक में पानी जम गया है। छत से पानी रिस रहा है।
एथलेटिक्स प्रैक्टिस ग्राउंड के सिंथेटिक ट्रैक में पेड़ उग आए हैं। जिससे करोड़ों रुपए की लागत से बिछाया गया ट्रैक खराब हो गया। वॉशरूम के दरवाजे भी गायब हैं।
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