कांके की एक नाबालिग अपने प्रेमी से मिलने के लिए घर से भागकर राजस्थान जा रही थी। पटना रेलवे स्टेशन में मनीष कुमार नाम के एक युवक ने उसे अकेला देखकर मदद के बहाने उसका अपहरण कर लिया। इधर, 14 जून को उसके पिता ने कांके थाने में बेटी की गुमशुदगी की एफआईआर लिखवाई। पुलिस को 6 दिनों की तलाश में लोकल स्तर पर जब कोई सुराग नहीं मिला, तब टेक्निकल सेल की मदद ली। इसके बाद बिहार के वैशाली जिला अंतर्गत महुआ थाने के बाबन घाट से अपहर्ता मनीष पकड़ा गया, वहां से नाबालिग भी बरामद हुई।
मनीष ने पुलिस को बताया कि पटना स्टेशन पर नाबालिग ने अपने प्रेमी से बात करने के लिए उसका मोबाइल फोन ली थी। पटना से राजस्थान जाने के लिए कोई ट्रेन नहीं थी, इस कारण वह काफी परेशान थी। मनीष ने इसका फायदा उठाते हुए उसे डराना शुरू कर दिया। कहा-अकेली लड़की का रात में स्टेशन में रुकना खतरनाक हो सकता है। डर से वह उसके झांसे में आ गई। इसके बाद वह उसे वैशाली ले गया और वहां से अपहरण कर लिया। वह बार-बार अपने घर जाने की बात कहती रही, लेकिन वह टाल-मटोल कर उसे अपनी एक मौसी के घर रखे हुए था। पुलिस ने टेक्निकल सेल की मदद से उसे वहीं गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब नाबालिग के प्रेमी को तलाश रही है। यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि अपहरण में उसका भी हाथ तो नहीं था।
बीएससी एग्रीकल्चर का छात्र है आरोपी
जेल भेजा गया आरोपी मनीष उत्तर प्रदेश के डॉ. राममनोहर लोहिया यूनिवर्सिटी में बीएससी एग्रीकल्चर के थर्ड ईयर का छात्र है। मनीष ने बताया कि नाबालिग को अपनी मौसी के घर ले जाने के पीछे उसका मकसद अपहरण नहीं था, बल्कि वह उसे अकेला देखकर उसकी सुरक्षा के ख्याल से ले गया था। उसने यह भी बताया है कि नाबालिग के साथ उसने कोई ऐसी हरकत नहीं की है, जिससे उसे किसी प्रकार की परेशानी हो।
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