राजधानी समेत पूरे राज्य में इस बार मानसून समय से पहले आ गया है। अप्रैल, मई में भी इस बार गर्मी काफी कम पड़ी। प्री मानसून की बारिश भी अच्छी हुई। वाष्पीकरण कम हाेने से डैमों में जलस्तर बना रहा। लाॅकडाउन के कारण हाेटल और इंडस्ट्री बंद से भी पानी कम खर्च हुआ। उम्मीद है कि इस साल अगस्त तक अधिकांश जलाशय लबालब रहेंगे। लेकिन, अनुमान के मुताबिक मानसूनी बारिश लगातार हाेती रहनी चाहिए। जून में औसत 250 मि.ली. से अधिक और जुलाई में कुछ दिन भारी बारिश यानी 250 मि.ली. से अधिक बारिश हाे।
हालांकि, कई बार मानसून आने के बाद लंबा ब्रेक हाे जाता है। माैसम विभाग के अनुमान काे आधार बनाने पर उम्मीद है कि कम बारिश में भी सालाें से सूखे प्रदेश के अधिकांश डैम इस बार भर जाएंगे। इनमें रांची का कांके और रुक्का डैम भी शामिल हैं। दाेनाें डैम मानसून सीजन समाप्त हाेने के बाद भी पूरी तरह नहीं भर पा रहे थे।
कई डैम के फाटकों को खोलना पड़ सकता है
राज्य में केवल सामान्य बारिश हाेती रहे तब भी डैम भर जाएंगे। कई डैम के फाटकाें काे खाेलना पड़ सकता है। जैसा कि वर्ष 2016 में तिलैया जलाशय में हुअा था। यह स्थिति सितंबर बनी थी। पानी वार्निंग लेवल 1218 फुट तक पहुंच गया था। नाै फाटक खाेले गए।
211 मिमी बारिश हुई इस बार प्री मानसून मौसम में
अप्रैल-मई में कई बार बारिश हो चुकी है। इस साल प्री मानसून बारिश भी पिछले साल की अपेक्षा 102 मिमी अधिक हुई। मार्च के अंतिम सप्ताह से 12 जून तक 211.2 मिमी बारिश हो चुकी है। इस अवधि में 2019 में 109.6 मिमी ही हुई थी।
ज्यादा और तेज रफ्तार बारिश से होगा नुकसान
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक झारखंड में सामान्य बारिश (1054.60 मिमी) का अनुमान है। ऐसे में जो डैम हर साल खाली रह जाया करते थे, इस बार उनके भी लबालब होने के आसार है। ज्यादा और तेज रफ्तार बारिश होने से कई डैम ओवरफ्लो होंगे, जिस कारण निचले इलाकों की आबादी और खेती दोनों को नुकसान हो सकता है।
एहतियात नहीं बरते तो जलस्तर बढ़ने से हो सकता है नुकसान
- कांके डैम में जलस्तर खतरे के निशान से 10 फीट नीचे है। सीजन की बारिश में यह लेवल आसानी से पार कर जाएगा।
- पतरातू में डैम का जलस्तर अभी ही खतरे के निशान से थोड़ा ही कम है। थोड़ी बारिश में ही जलस्तर डेंजर लेवल को पार कर जाएगा। 2018 में 8 फाटक खोलने पड़े थे।
- तिलैया डैम पर विभाग के कार्यपालक अभियंता अजीत कुमार शर्मा ने बताया कि 1210 फीट तक डैम का सेफ लेवल है। हालांकि इस बार सीजन की बारिश में डेंजर लेवल पार कर जाने की आशंका है।
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