मई माह के आखिरी दिन एकबार आई तेज आंधी-पानी के निशाने पर इस बार प्रखंड के केतातकला पंचायत व इसके समीपवर्ती आधा दर्जन गांवाें के तीन सौ घरों की सघन बस्ती में एस्बेस्टस और खपरैल छत वाले घर क्षतिग्रस्त हाे गए। वहीं गांव के स्थान देवस्थल झुमरी बाबा पर 150 वर्ष पुराना पीपल का दरख़्त उखड़ गया। इसके अलावा गांव के अंदर व एनएच75 से लगे क्षेत्र के पचासों पेड़ भी ध्वस्त हो गए। दर्जनाधिक विद्युत पोल क्षतिग्रस्त होकर नीचे गिर गए। कई मवेशी व दो बुजुर्ग भी इसके जद में आकर जख्मी हो गए। केतातकला में सर्वाधिक नुकसान मेनरोड में दो लाख खर्च कर बनाए गए ढाबा काे हुअा। वह पूरी तरह टूट गया। ढाबा संचालक नवल किशोर चौबे फुना ने बताया कि इस माह में पहले सप्ताह में आयी आंधी- पानी में हुए नुकसान को हाल ही में दुरुस्त करा ढाबा शुरू किया था, पर सबकुछ इस आंधी ने निगल लिया।
बगल के शंखा व उरद्वार में भी पेड़ के गिरने से कई घरों व गुमटी तथा होटल क्षतिग्रस्त हो गए। इनमें कुंडी के अल्पसंख्यक व ठाकुर परिवार के आशियाना व दुकानें को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। जिप सदस्य व पड़ोस के मुरमाकला गांव निवासी विजय रविदास ,ब्लॉक प्रमुख संतोष कुमार चौबे, तोलरा की मुखिया सुमित्रा सिंह ने जिला के डीसी व डीडीसी से क्षतिग्रस्त आवास के गृहस्वामी को नया आवास तथा राशन की तत्काल व्यवस्था करने का आग्रह किया है। वहीं ब्लॉक प्रमुख ने गुरी व भंडार पंचायत के कई घरों के हुए आंधी से नुकसान की जिला प्रशासन से मरम्मत कराने का आग्रह किया है। भंडार के दिलीप चन्द्रवंशी, लक्ष्मीनारायण पांडेय के घर गिर गए हैं, जबकि गुरी निवासी संतोष मिश्रा के छप्पर अचानक गिरने से उसके नीचे उनकी वृद्धा माता दबकर गंभीर घायल हो गयी है। उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। पूर्व मुखिया श्यामा देवी ने तोलरा पंचायत के शंखा-कुंडी गांव में हुए आंधी से नुकसान की शीघ्र जिला प्रशासन से भरपाई की अपील की है।
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