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Jharkhand daily news

सोनम कुमारी के हत्यारों को गिरफ्तार करने को लेकर आयोजित प्रतिरोध सभा को रोकने पहुंचे पाटन थाना प्रभारी आशीष खाखा व सीओ विमल सोरेन को ग्रामीणों ने तीन बजे से शाम छह बजे तक बंधक बना लिया। वहीं ग्रामीणों ने पुलिस पर हमला कर घायल कर दिया व सीओ के वाहन व पुलिस वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया। ग्रामीण इतने उग्र हो गए कि पुलिस द्वारा चार राउंड फायरिंग के बाद भी ग्रामीण पीछे हटने को तैयार नहीं थे। इधर ग्रामीणों के हमले से नावाजयपुर थाना प्रभारी उपेंद्र नारायण सिंह घायल हो गए, जिनका इलाज चल रहा है।


इस संबंध में पलामू एसपी अजय लिंडा ने भास्कर को बताया कि पुलिस किसी भी व्यक्ति के दबाव में आकर निर्दोष को गिरफ्तार नहीं कर सकती है। पुलिस अपना काम कर रही है। आइसा और भाकपा के कतिपय नेता मामले को तूल दे रहे हैं। सरकारी काम में बाधा पहुंचा रहे हैं। सभी को चिह्नित कर लिया गया है। किसी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं है|चिह्नित लोगों पर पुलिस कार्रवाई करेगी। जिस मामले को लेकर पुलिस पर दबाव बनाया जा रहा है उसमें पुलिस का अनुसंधान काफी तेजी से चल रहा है। जिस व्यक्ति को पकड़ने के लिए दबाव बनाया जा रहा है वह पुलिस अनुसंधान में निर्दोष साबित हुआ है। पुलिस जल्द ही असली हत्यारा को गिरफ्तार करने में सफल होगी।
उन्होंने बताया कि महिलाओं को आगे करके थाना प्रभारी व सीओ को घेराव कर लेना विधि संगत नहीं है।

उन्होंने बताया कि बाद में एसडीपीओ संदीप गुप्ता और एसडीएम सुरजीत कुमार सिंह ने घटनास्थल पर पहुंचकर मामले को शांत कराया। जानकारी के अनुसार सोनम कुमारी के हत्यारों की गिरफ्तारी को ले ग्रामीणों द्वारा रविवार को मशाल जुलूस निकाला गया था। वहीं सोमवार को प्रतिरोध सभा का आयोजन किया था, जिसकी जानकारी पाटन पुलिस को मिलने के बाद पाटन थाना प्रभारी और सीओ विमल शोरेन मेराल गांव पहुंचे थे। पुलिस ने दीवार पर लिखे सोनम के हत्यारों को गिरफ्तार करने एवं पाटन थाना प्रभारी को बर्खास्त करने की मांग पर ग्रामीणों से पूछा कि किसने लिखा। वहीं प्रतिरोध सभा को रोक देने के बाद ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। सीओ और थाना प्रभारी को वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया।
जल्द ही गिरफ्तार होंगे हत्या के आरोपी : डीएसपी
डीएसपी संदीप गुप्ता ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि सोनम कुमारी की हत्या केस को वे खुद दखेंगे। 24 घंटे में आरोपी को गिरफ्तार करने का आश्वासन के बाद ग्रामीण माने। इसके बाद पुलिस गांव से निकली। मालूम हो पूरा मेराल गांव पुलिस छावनी में तब्दील हो गया था। पंडवा पुलिस, किशुनपुर पुलिस समेत बीडीओ प्रभाकर मिर्धा, एसडीओ सुरजीत सिंह, पंडवा थाना प्रभारी श्यामलाल हंसदा, जिप सदस्य नंदकुमार राम, मुखिया अनिता देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।

ग्रामीण बोले- एक महीना बीते, हत्यारे नहीं पकड़े गए
ग्रामीणों का कहना था कि सोनम कुमारी को हत्या हुए एक माह से ज्यादा बीत गए। बावजूद पुलिस मुख्य आरोपी समेत गिरफ्तार किए गए तीन लोगों को छोड़ दिया। उल्टे भुक्तभोगी के परिजनों को परेशान किया जा रहा है। भाकपा माले के पाटन प्रखंड सचिव पवन विश्वकर्मा ने बताया कि सोनम के हत्यारे का सबूत मिल जाने के बावजूद पुलिस हत्यारों का संरक्षण कर रही है, जबकि इंसाफ मांगने पर गोली चला़या जा रहा है। शांतिपूर्ण प्रतिरोध पर चार राउंड फायरिंग की गई।ग्रामीणों का नेतृत्व आइसा छात्र जिलाध्यक्ष दिव्या भगत कर रही थी। उनका कहना था कि आरोपी को गिरफ्तार करने, थाना प्रभारी आशीष खाखा को बर्खास्त करो, फायरिंग करने वाले पुलिस पर कार्रवाई करें तभी ग्रामीण आंदोलन को स्थगित करेंगे। एसडीएम सुजीत कुमार सिंह और एसडीपीओ संदीप गुप्ता के आश्वासन के बाद ग्रामीण बंधक पुलिसकर्मियों को छोड़ने पर राजी हुए।



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Villagers made hostage to police station in charge and CO for stopping resistance meeting for three hours


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