शादी की अनुमति के लिए अभी भी हर दिन 150 से ज्यादा आवेदन मिल रहे हैं। ऑफलाइन सिस्टम बंद होने के बाद प्रशासन अब केवल ऑनलाइन आवेदन ही स्वीकार कर रहा है। च्वाइस सेंटरों से आवेदन करने पर अब उसकी फीस भी तय कर दी गई है। एक आवेदन करने के लिए लोगों को 50 रुपए शुल्क देना पड़ रहा है। तहसील में आवेदन के समय यह सुविधा निशुल्क थी, लेकिन अब इसकी फीस तय कर दी गई है। च्वाइस सेंटरों के पास सॉफ्टवेयर और प्रोसेसिंग फॉर्म आसानी से उपलब्ध होने की वजह से अधिकतर लोग च्वाइस सेंटरों से ही आवेदन कर रहे हैं। अचानक फीस तय होने की वजह से लोग इस पर आपत्ति भी कर रहे हैं। उनका कहना है कि पहले तो आवेदन पर कोई शुल्क नहीं लिया जाता था तो अब क्यों लिया जा रहा है। च्वाइस सेंटर संचालक उन्हें बताते हैं कि शासन की ओर से फीस तय की गई है। इसलिए च्वाइस सेंटरों से ली जा रही है।
शासकीय लोक सेवा केंद्रों से भी शादी की अनुमति के लिए आवेदन करने पर लोगों को फीस देनी पड़ रही है। बताया जा रहा है कि 30 जून तक शादी का मुहूर्त होने की वजह से आवेदनों की संख्या कम नहीं हो रही है। अगले महीने जुलाई से शादी के लिए आवेदन एक चौथाई से भी कम हो जाएंगे। अनुमति के लिए आवेदन करने से पहले लोग अपने साथ आधार और शादी का कार्ड अवश्य लेकर जाएं। आधार नंबर की इंट्री के बिना आवेदन सबमिट नहीं होता है। तहसीलदार अमित बैक का दावा है कि ऑनलाइन आवेदन मिलने के साथ ही 24 से 48 घंटे में आवेदनों को मंजूरी दे दी जा रही है।
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