प्रदेश के बिलासपुर, अंबिकापुर और राजनांदगांव में कोराेना वायरस संक्रमण की जांच लैब जल्द स्थापित की जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने तीनों ही स्थानों के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। सिंहदेव ने राज्य कंट्रोल एंड कमांड सेंटर में बनाए जा रहे विशेषीकृत अस्पतालों का काम भी जल्द पूरा करने के लिए कहा है। सिंहदेव बुधवार को प्रदेश में कोरोना जांच और इलाज की व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे।
बताया गया है कि वर्तमान में रायपुर के एम्स और अंबेडकर अस्पताल तथा जगदलपुर और रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में कोरोना वायरस की आरटीपीसीआर जांच हो रही है। इसके साथ ही रायपुर के लालपुर स्थित लैब में ट्रू-नाट विधि से सैंपल जांच की जा रही है। स्वास्थ्य मंत्री ने इस दौरान जांच किट, पीपीई किट, वीटीएम, वेंटिलेटर्स, एन-95 मास्क, ट्रिपल लेयर मास्क और सर्जिकल मास्क की उपलब्धता एवं आपूर्ति की भी समीक्षा की। उन्होंने डॉक्टरों और संक्रमितों की देखभाल में लगे मेडिकल स्टॉफ को सभी आवश्यक संसाधन एवं व्यक्तिगत सुरक्षात्मक उपाय उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक में स्वास्थ्य विभाग की सचिव
निहारिका बारिक सिंह, ओएसडी राजेश सुकुमार टोप्पो, संचालक नीरज बंसोड़, संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ. एसएल आदिले संचालक एनएचएम डॉ. प्रियंका शुक्ला और नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन नीलेश क्षीरसागर सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
प्रदेश के दस अस्पतालों में दो हजार बिस्तरों की व्यवस्था की गई
कोरोना उपचार के लिए प्रदेश के दस डेडिकेटेड अस्पतालों में दो हजार बिस्तरों की व्यवस्था की जा रही है। एम्स और डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल में 500-500, जगदलपुर और राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 200-200 तथा माना सिविल अस्पताल, बिलासपुर जिला अस्पताल, ईएसआईएस अस्पताल कोरबा, रायगढ़ व अंबिकापुर शासकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल एवं शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज भिलाई में 100-100 बिस्तरों के इंतजाम किए जा रहे हैं। प्रदेश के 115 आइसोलेशन सेंटर्स में भी 5515 बिस्तर हैं, जहां कोराेना मरीजों का इलाज किया जा सकता है।
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