नए या पुराने ठेकेदारी या रेगुलर कर्मचारियों से बिना सुरक्षा उपकरण के बिजली कंपनी द्वारा काम लिया जाता है। आए दिन बिजली कंपनी के कर्मचारी आवश्यक सुरक्षा उपकरण के ही बिजली के खंभे पर चढ़कर काम करते हुए नजर आते हैं। पिछले दिनों डौंडी बस स्टैंड के पास ट्रांसफार्मर को शिप्ट करने के दौरान करीब 9 घंटे तक भरी दोपहरी की धूप में काम करने वाले मजदूर के पैरों में सेफ्टी जूते, हाथों में ग्लब्स, सिर में कैप कुछ भी बचाव के लिए नहीं दिया गया था। ये लोग बिना सुरक्षा किट के जान जोखिम में डाल कर काम करते रहे।
उपभोक्ताओं के घरों की शिकायत पर बिजली आॅफिस डाैंडी से आने वाले नियमित व निजी कर्मचारी भी आवश्यक सुरक्षा उपकरण के कई बार मरम्मत करते हैं। जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। पूर्व में इस तरह की घटना भी हो चुकी है। उसके बावजूद बिजली कंपनी के अफसर अपने अधीनस्थ कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए गंभीर नज़र नहीं आ रहे हैं। बिना सुरक्षा दस्ता के काम करते हुए डाैंडी बस स्टेंड, दुर्गा चौक, पिस्दापारा, बाजारपरा, थाना चाैंक, ग्राम छिंदगाव मरारटोला, लिमहाटोला, उकारी, अवारी, कामता, खेरवाही, अाैराटोला सहित डोंडी क्षेत्र के कई गांवों के बिजली लाइन व ट्रांसफार्मर पर कार्यकरते हुए देखा जा सकता है। इस बारे में काम करने वाले कर्मचारियों से पूछने पर कहा कि सुरक्षा किट नहीं दी जाती इसलिए ऐसे ही काम करते है।
दस्ता दिया जाता है
बिजली कंपनी दल्लीराजहरा के जेई एमआर तारम ने कहा कि बिजली संबंधी कार्य करने के लिए कंपनी व ठेकेदार द्वारा सुरक्षा दस्ता दिया जाता है, ये लोग लापरवाह है। जल्दी काम करने के चक्कर में सेफ्टी दस्ता का इस्तेमाल नहीं करते।
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