कोरोना लॉकडाउन के दौरान राजधानी में रविवार को सप्रे शाला का मैदान छोटा करने के विरोध में लोग तख्तियां लेकर सड़कों पर उतर आए। मानव श्रंृखला बनाई। संगठित रूप में पहली बार लोगों ने स्कूल मैदान छोटा किए जाने को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद महापौर ने आम लोगों, खेलसंघों से जुड़े लोगों को बुलाकर योजना के संबंध में चर्चा की। उन्हें पूरा प्लान बताया।
विरोध करने वाले हाथों में तख्तियां लेकर सड़कों के अलावा घरों के बाहर खड़े होकर प्रदर्शन करते रहे। उनकी तख्तियों में मैदान मेरी जान है... जैसे स्लोगन लिखे थे। लोग सड़क किनारे मानव श्रंृखला बनाकर काफी देर तक खड़े रहे। सड़कों पर नहीं आ सकने वाले बुजुर्ग, बच्चे और महिलाएं घरों के बाहर ही तख्तियां लेकर खड़े रहे। उनकी मांग है कि मैदान पर किसी तरह का प्रोजेक्ट ना लाया जाए। खेल के मैदान को उसके मूल स्वरूप में रहने दिया जाए। बूढ़ातालाब में जारी सौंदर्यीकरण के इस प्रोजेक्ट में सप्रे मैदान से सटे दानी गर्ल्स स्कूल के मैदान का भी कुछ हिस्सा लिया जा रहा है। आंदोलन के समर्थन में सप्रे स्कूल मेन रोड, हनुमान मंदिर गली, दानी बाड़ा गली, हलवाई लाइन, सादर बाजार, नया पारा रोड, पुलिस लाइन, बिजली आफिस के पीछे के घरों में रहने वाले खास तौर पर सामने आए।
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने कहा कि मैदान की जमीन लेकर सड़क बनाई जा रही है। इसके लिए न ही दावा-आपत्ति मंगाई गई और न ही किसी तरह की प्रक्रिया का पालन किया गया।सुबह काम शुरू कर दिया गया। विरोध शुरू हुआ तो रातों-रात काम कराकर मैदान में लोहे की ग्रिल लगा दी गई।
महापौर बोले... प्रदर्शन सुनियाेजित
लोगों के विरोध के सवाल पर महापौर एजाज ढेबर ने कहा कि यह प्रदर्शन सुनियोजित है। मैं यह बात शुरू से कह रहा हूं। विरोध कर रहे लोगों ने कहा कि पेड़ उखाड़े जाएंगे, यहां एक भी पेड़ नहीं उखाड़ा गया। ओपन जिम को शिफ्ट करने का विरोध किया वो भी शिफ्ट नहीं हो रहा, पाथवे खराब करने की बात आई, वो भी नहीं हो रही। आम लोगों, खेल संघों और विरोध करने वाले लोगों को बुलाकर हमने पूरी योजना बता दी है।
उन्हें समझाया जा रहा है कि इससे मैदान छोटा नहीं हो रहा बल्कि उसे विश्वस्तरीय सुविधाओं वाला बनाया जा रहा है। जन भावनाएं उनके साथ नहीं है। सिर्फ 10-15 लोग हैं। उनका काम यही है।प्रोजेक्ट को इससे फर्क नहीं पड़ता। जन भावना का मुद्दा होता तो बात अलग होती। यहां राजनीति हो रही है। यह राजनीति कहां से हो रही है, हमें यह भी पता है।
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