वैश्विक महामारी कोरोना के खिलाफ देशभर में लड़ाई जारी है। इस लड़ाई में हमारा स्वास्थ्य अमला खुद और अपने परिवार की चिंता छोड़कर लोगों की सेहत का देखभाल कर रहा है।
बागबाहरा ब्लॉक के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नर्रा में पदस्थ ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक भी उनमें से एक है। प्रवासी मजदूरों की देखभाल और उनकी सेहत की जांच के दौरान वह कोरोना के चपेट में आ गया था। 4 जून को उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। जिसके बाद उसे इलाज के लिए भिलाई स्थित अस्पताल में शिफ्ट किया गया था। वहां से इलाज और तीन बार रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उसे डिस्चार्ज किया गया। ठीक होकर वापस आने के बाद भी ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक को एहतियातन क्वारेंटाइन किया गया। क्वारेंटाइन अवधि पूरी होने के बाद ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक फिर से फील्ड पर उतर आया है। उसने बताया कि नर्रा इलाके में 509 लोग अभी भी क्वारेंटाइन सेंटर में हैं। ऐसे में रोज उनकी सेहत का अपडेट लेना और देखभाल करना मेरा काम है। उन्होंने कहा कि कोरोना से डरने की जरूरत नहीं है।
हम सभी इसका मिलकर सामना कर रहे हैं। इधर, बागबाहरा स्वास्थ्य संयोजक संघ ने भी उनके कार्यों की सराहना की है। वहीं बागबाहरा बीएमओ राजकुमार कुरुवंशी ने कहा कि ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक ने कोरोना की जंग जीत ली है।
इलाज से लौटने के बाद उसे सप्ताहभर के लिए क्वारेंटाइन किया गया था। क्वारेंटाइन अवधि पूरी करने के बाद वह फिर से मोर्चे पर तैनात होकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहा है।
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