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कोरोना काल में हुक्केबाजी, वीआईपी रोड के क्लब में छापा

वीआईपी रोड स्थित क्वींस क्लब में रविवार रात करीब 8 बजे पुलिस छापा मारकर 30 युवक-युवतियों को हुक्का पीते पकड़ा। बैन के बावजूद क्वींस क्लब के हुक्का बार में युवक-युवतियों को हुक्का पिलाया जा रहा था। पुलिस ने क्लब के मैनेजर विकास मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है। छापे के बाद वहां अफरातफरी मच गई थी। कई ने भागने की कोशिश की लेकिन मौका नहीं मिला। छापा मारने वाले पुलिस अफसर इस बात से भी हैरान थे, कि वहां किसी ने भी मास्क नहीं पहना था।
तेलीबांधा थाने के टीआई मोहसिन खान ने बताया कि सूचना मिली थी कि क्वींस क्लब में लड़के-लड़कियां हुक्का पार्टी कर रहे हैं। सरकार ने होटल व क्लब खोलने की अनुमति नहीं दी है। इसके बावजूद क्लब के बार में चोरी-छिपे नौजवान लड़के व लड़कियाें को हुक्का पिलाया जा रहा था। मुखबिर की सूचना के बाद पुलिस ने छापा मारकर वहां से बड़ी संख्या में हुक्का बरामद किया। पुलिस की टीम ने जब दबिश दी तब वहां लगभग 30 से लड़के व लड़कियां हुक्का पी रहे थे। किसी ने भी मास्क नहीं लगाया था। सोशल डिस्टेसिंग का भी किसी भी तरह का कोई पालन नहीं किया गया था। क्लब के भीतर लगभग दस से अधिक टेबल पर ग्रुप बनाकर युवक-युवतियां बैठे थे। बार के भीतर की लाइट काफी डिम रखी गई थी। ताकि किसी को पता नहीं चले कि अंदर क्या हो रहा है। लाइट म्यूजिक भी बजाया जा रहा था। इससे शोर ज्यादा नहीं हो रहा था। रविवार होने की वजह से दोपहर से ही पार्टी का सिलसिला शुरु हो गया था। रेस्टोरेंट से भी भोजन सर्व किया जा रहा था। टेबल में ठंडे पानी की बाेतल व बड़ी संख्या में कांच के गिलास रखे हुए थे। पुलिस को यह भी सूचना मिली थी कि पिछले कई दिनों से क्लब के बार में चोरी-छिपे इस तरह की पार्टी चल रही है।
जबकि शहर के लगभग सभी होटल, बार व क्लब बंद है।
युवक-युवतियों को चेतावनी देकर छोड़ा
टीआई खान ने बताया कि क्लब में पार्टी करते पकड़े गए युवक-युवतियों को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। उन्हें कहा गया है कि कोरोना का शहर में लगातार संक्रमण बढ़ रहा है। इस तरह की पार्टी करने से संक्रमण बढ़ने का खतरा काफी अधिक हो सकता है। युवक-युवतियों ने अफसरों को वादा किया कि वे भविष्य में कभी इस तरह के आयोजन का प्रयास नहीं करेंगे।
विधायकों के लिए बनाया गया है क्लब को
क्वींस क्लब हाउसिंग बोर्ड की जमीन पर बना है। 2010-11 में बिल्ट-आपरेट-ट्रांसफर बेसिस पर क्लब को बनाया गया था। क्लब के ठीक पीछे विधायकों के बंगले हैं। विधायकों के लिए इस क्लब को बनाने के लिए हाउसिंग बोर्ड ने जमीन लीज पर दी। लेकिन क्लब में विधायक बहुत ही कम जाते हैं। शहर के रसूखदार वर्ग का जमावड़ा क्लब में लगा रहता है।



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