जिले के एक मजदूर की मौत कोरोना से शुक्रवार को हो गई। युवक को छह दिन पहले ही कोरोना की पुष्टि हुई थी। उसे उसी दिन एम्स रायपुर रेफर किया गया था। शुक्रवार को एम्स में उसकी मौत हो गई। जिले में काेरोना पॉजिटिव मजदूर की मौत का पहला मामला है।
जिले में करीब 80 हजार से अधिक प्रवासी मजदूरों का आगमन हुआ है। जिसमें करीब छह हजार मजदूरों का सैंपल लेकर जांच कराई गई है। उसमें मात्र 226 को कोरोना पॉजिटव पाया गया है। इस दौरान मालखरौदा ब्लॉक के किरारी क्वारेंटाइन सेंटर से भी एक मजदूर को कोरोना पॉजिटिव पाया गया था। 38 वर्षीय युवक दिल्ली से 12 जून को लौटा था। उसका सैंपल लेकर जांच के लिए एम्स भेजा गया था। जहां से उसकी रिपोर्ट 20 जून को आई। उसे कोरोना होने की पुष्टि डॉक्टर्स ने की। युवक को उसी दिन एम्स रायपुर इलाज के लिए रेफर कर दिया था। शुक्रवार को उसकी मौत हो गई। युवक की मौत की सूचना एम्स से जांजगीर जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग को मिलने पर विभागीय अधिकारी चौंक गए।
युवक को लीवर में भी समस्या था
सीएमएचओ डॉ.एसआर बंजारे के अनुसार कोरोना पॉजिटिव युवक की जांच एम्स में हुई है। जिसमें यह बताया गया है कि उसका लीवर भी खराब हो गया था। सीएमएचओ के अनुसार शराब के कारण लीवर कमजोर हो गया, कोरोना के कारण इंफेक्शन हो गया जिसे मेडिकल भाषा में सेप्टीसिमिया कहते हैं। इसी कारण उसकी मौत हो गई।
लीवर डेमेज होने से क्वारेंटाइन सेंटरके एक और की हो चुकी है मौत
हसौद के क्वारेंटाइन सेंटर में भी एक युवक की मौत लीवर खराब होने से हाे चुकी है। युवक भी प्रवासी मजदूर था। उसकी भी तबीयत खराब होने पर उसे रात में ही जिला अस्पताल जांजगीर शिफ्ट किया गया था। इलाज के दौरान यहां उसकी मौत हुई थी। हालांकि तब युवक को काेरोना की पुष्टि नहीं हुई थी।
अंतिम संस्कार को लेकर देर रात तक नहीं हो पाया निर्णय
कोराेना पॉजिटिव युवक की मौत के बाद बड़ा सवाल उसके अंतिम संस्कार को लेकर भी है। क्या उसका अंतिम संस्कार रायपुर या फिर गृहग्राम में अंतिम संस्कार होगा। इस पर रात 8 बजे तक असमंजस की स्थिति बनी रही। अस्पताल प्रबंधन जिला प्रशासन के निर्णय के इंतजार में था ।
क्वारेंटाइन सेंटर में दूध से दो माह की बच्ची का गला चोेक होने से मौत
पामगढ़ थाना क्षेत्र के नंदेलीपंचायत के व्यासनगर क्वारेंटाइन सेंटर में धरदेई के धर्मेंद्र केंवट अपनी पत्नी देवीबाई केंवट के साथ 14 जून को आया था। इस दंपती की दो माह की बेटी भी थी। शुक्रवार की अल सुबह देवी बाई ने अपनी बेटी को दूध पिलाया। दूध बच्ची के गले में जाकर चोक हो गया। जिससे उसकी मौत हो गई। क्वारेंटाइन सेंटर से पामगढ़ अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टर ने मौत की पुष्टि की। बच्ची की मौत के बाद बच्ची के अलावा उसके माता, पिता का भी आरडी किट से टेस्ट किया गया। तीनों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। बीएमओ डॉ. सौरभ यादव ने बच्ची का गला चोक हाेने से मौत होने की बात कही है।
बच्चे और गर्भवती रखें सावधानी
कोराेना से बचाव के लिए सोशल डिस्टेंसिंग जरूरी है। पूर्व में किसी को हाई ब्लड प्रेशर, शुगर, स्वांस, टीबी की बीमारी है उन्हें कोमआरबिट माना जाता है। इसके अलावा 65 साल से अधिक उम्र के हो गए हैं अथवा गर्भवती महिलाएं, 10 साल से कम उम्र के बच्चे हाई रिस्क ग्रुप में माने गए हैं। ऐसे लोगों को एहतियात बरतना जरूरी है।
डॉ. एसआर बंजारे, सीएमएचओ, जांजगीर
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