स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने और यहां की लचर व्यवस्थाओं को सुधारने कलेक्टर दीपक सोनी ने अपना कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की देर शाम तक क्लास चली। सुस्त कामों के लिए कलेक्टर एक बार फिर भड़क गए। बुधवार को दिनभर विभाग में खलबली मची रही, सूत्र बताते हैं सीएमएचओ को भी नोटिस जारी हो गया।
दरअसल मंगलवार को कलेक्टर स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की बैठक लेकर कामों की समीक्षा कर रहे थे, काम में कमियां उजागर होनी शुरू हुई। जब बात जननी सुरक्षा योजना की आई और पता चला कि अब भी कई महिलाओं को राशि ही नहीं बंटी है तो कलेक्टर ने नाराजगी जताई। देर होने का जवाब मांगा और सीएमएचओ डॉ. एसपीएस शांडिल्य से कहा कि चारों ब्लॉक के बीपीएम वेतन का आहरण तब तक न करें, जब तक जननी सुरक्षा की राशि हितग्राहियों को न मिल जाए। कलेक्टर के इस कड़े तेवर के बाद सुस्त पड़ा स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। बताया जा रहा है बुधवार को अफसरों ने इस काम की फाइलें खंगालनी शुरू की। इधर सूत्र बताते हैं कि सीएमएचओ से भी 5 दिन के अंदर जवाब मांगा गया है। संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने भी अफसरों को कड़े निर्देश दिए।
कोविड अस्पताल के प्रभारी डॉ. देवेंद्र हटाए गए
कोविड अस्पताल का प्रभार संभाल रहे एमसीएच प्रभारी डॉ. देवेंद्र प्रताप सिंह को भी हटा दिया गया है। ये कार्रवाई तब करनी पड़ी जब कलेक्टर खुद कोविड अस्पताल में पहुंचे और अव्यवस्था सामने आई थी। कलेक्टर के दौरे के 5 दिन बाद भी व्यवस्था नहीं सुधरी तो उन्होंने सीएमएचओ को प्रभारी डॉ. देवेंद्र को हटाने का आदेश दिया। तुरंत हटाकर बीएमओ डॉ. सूर्या गुप्ता को कोविड का प्रभारी बनाया गया। बताया जा रहा है कोविड अस्पताल की कमियों को सुधारने कलेक्टर ने दो दिनों का अल्टीमेटम भी दिया है।
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