Skip to main content

छह दिन का मासूम, दोनों किडनी फेल, माता-पिता खो चुके थे जिंदा रहने की उम्मीद, डॉक्टरों ने बचा ली जिंदगी

(आशीष दुबे)शहर के अपोलो हॉस्पिटल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर सुशील कुमार ने उस बच्चे की जान बचाई है जिसके जीने की उम्मीद उसके मां-पिता छोड़ चुके थे। डिलीवरी के बाद बच्चे के ब्लड में इन्फेक्शन के कारण उसकी दोनों किडनी फेल हो चुकी थी। शरीर में कुछ और दूसरी तरह की परेशानियां शुरू हो गई थीं। तब मामला डॉक्टर के पास पहुंच गया। इन्होंने 6 दिन के बच्चे की 15 दिनों तक डायलिसिस की और उसकी जिंदगी को बचा ली। डॉ. सुशील कुमार और उनकी टीम के मुताबिक 29 मई को बच्चे को पीएचसी कोरिया से रेफर किया गया था।

चिरमिरी के रहने वाले दंपती नेहा गुप्ता व मनीष गुप्ता ने अपने बच्चे की स्थिति डॉक्टर को बताई। उन्होंने बताया की मासूम पैदा होने के बाद से काफी सुस्त रहता था और झटके आते थे। आम बच्चों की तरह मूवमेंट नहीं करता था। दूध पीने से लेकर रोने और दूसरी तरह की गतिविधियों में वह शांत रहता था। डॉक्टर ने बच्चे का चेकअप शुरू किया। अलग-अलग तरह की जांच के बाद पता चला कि बच्चे के ब्लड में इंफेक्शन है। उसकी दोनों किडनी अभी फेल हो चुकी हैं।

पहली नजर में डॉक्टर के पास ऐसे कम ही केस आते हैं इसीलिए डॉक्टर सुशील भी हैरान रह गए। उन्होंने मामले को चुनौती मानकर बच्चे की जांच और इलाज शुरू किया। बच्चे की पेरीटोनियल डायलिसिस की गई। और कुछ दिन पहले ही उसने आम बच्चों की तरह रोना, हंसना और दूध पीने के अलावा अन्य तरह की गतिविधियां भी शुरू कर दी हैं। डॉक्टर बताते हैं कि यह उनके जीवन का अलग तरह का मामला है। ऐसा कम ही होता है। बच्चे के उपचार में डॉ. सुशील कुमार के साथ डॉ. अनुराग कुमार और डॉ. जिग्नेश पंड्या की टीम ने काम किया।

माता-पिता ने प्रबंधन का जताया आभार, डॉक्टर को बताया फरिश्ता

छह दिन के बच्चे का जिस तरीके से माता-पिता के सामने प्रकरण आया, वे मान चुके थे कि कुछ भी हो सकता है। उन्हें उनके परिजनों ने अपोलो के डॉक्टर सुशील कुमार से मिलने की सलाह दी। बताया कि वे बच्चों के अच्छे डॉक्टर हैं। तब उन्होंने डॉक्टर से मुलाकात कर हालात बताए। डॉक्टर से मिलने के लगभग 25 दिन के बाद उन्हें उनका बच्चा हंसता, मुस्कुराता मिला है। उन्होंने डॉक्टर और प्रबंधन दोनों का ही आभार जताया है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Six days innocent, both kidney failed, parents had lost hope of being alive, doctors saved lives


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2V7zdFg
via

Comments