छग को वनोपज एक्सपोर्ट हब बनाएंगे, निवेशक आएं ; पंचायतों तथा ननि के वित्तीय प्रबंधन को मजबूत बनाने में मदद करे सीए
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इंस्टीट्यूट आफ चार्टर्ड एकाउंटेंटस ऑफ इंडिया के सदस्यों से कहा कि महिला स्वसहायता समूहों के जरिए छत्तीसगढ़ में पैदा होने वाले वनोपज के प्रोसेसिंग के लिए निवेश लाकर प्रदेश को बड़ा एक्सपोर्ट हब बना सकते हैं। सीएम बघेल ने प्रदेश के सीए से ग्राम पंचायतों और नगरीय प्रशासन के काम काज में कसावट और वित्तीय प्रबंधन को मजबूत बनाने सहयोग मांगा। आईसीएआई के राष्ट्रीय अघ्यक्ष अतुल गुप्ता ने नगरीय निकार्यों में नए रेवेन्यू जनरेट करने, पंचायतों के मेनेजमेंट, स्नातक के बाद छात्रों को सीए के मार्गदर्शन में तीन साल की ट्रेनिंग जैसे प्रोग्राम चलाने का प्रस्ताव दिया।सीएम बघेल ने रविवार को ‘रिसर्जेट छत्तीसगढ़‘ विषय पर वेबिनार को सम्बोधित करते हुए कहा है कि यदि आईसीएआई वनोपज के प्रसंकरण के लिए निवेश छत्तीसगढ़ में लाने की पहल करते हैं तो इससे प्रदेश के उत्पादकों और संग्राहकों को लाभ मिलेगा और इनका निर्यात अन्य हिस्सों में करने से वहां की आवश्यकता की पूर्ति भी होगी। किया। सीएम बघेल नेआईसीएआई की रायपुर शाखा को नया रायपुर में कोचिंग इंस्टीट्यूट और कार्यालय भवन के लिए जमीन देने की घोषणा की। सीएम बघेल ने आईसीएआई द्वारा छत्तीसगढ़ के एक हजार उद्यमियों को निर्यात के लिए तैयार करने में सहयोग के प्रस्ताव पर सहमति दी। उन्होंने कहा कि आईसीएआई, उद्योगपतियों और महिला समूहों से टाइअप कर निर्धारित गुणवत्ता की सामग्रियां तैयार कराकर उन्हें अपने ब्रांड में बेच सकते हैं। इन महिला समूहों को इसके लाभांश का हिस्सा देकर आमदनी का जरिया उपलब्ध कराने में मदद कर सकते हैं।
बघेल अपनी सरकार की नई औद्योगिक नीति के हवाले से बताया कि कोलकता, सूरत और मुम्बई के बाद रायपुर में बड़ा जेम्स एण्ड ज्वेलरी पार्क बनाया जा रहा है। इस वेबिनार में प्रमुख सचिव उद्योग मनोज पिंगुआ और लघु वनोपज संघ के एमडी संजय शुक्ला, पब्लिक व गवर्नमेंट फाइनेंसियल मैनेजमेंट कमेटी के अध्यक्ष धीरज खंडेलवाल सहित अनेक पदाधिकारी जुड़े। रायपुर शाखा के अध्यक्ष किशोर बरड़िया और सचिव रवि ग्वालानी मुख्यमंत्री निवास में उपस्थित थे। वेबिनार में छत्तीसगढ़ चेम्बर्स ऑफ कामर्स, कैट और उरलाइंडस्ट्रिज एसोसिएशन के पदाधिकारी भी जुड़े।
छत्तीसगढ़ वैश्विक मंदी से रहा दूर, कंपनियां ट्रैक्टर की डिमांड पूरी नहीं कर पाईं
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साल हमारा यह अनुभव रहा है कि किसान, वनवासियों की जेब में पैसा डालने से छत्तीसगढ़ वैश्विक मंदी से अछूता रहा है। इस साल भी हम न्याय योजना के तहत किसानों को 5750 करोड़ रुपए की राशि दे रहे है। इसका असर बाजार में देखने को मिला। छत्तीसगढ़ में 3 हजार ट्रेक्टर बिके, कंपनियां मांग के अनुसार ट्रेक्टर की आपूर्ति नही कर पा रही है।
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