छत्तीसगढ़ भाजपा के जन संवाद वर्चुअल रैली में एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस और भूपेश सरकार पर जमकर निशाना साधा। चौहान ने कहा कि वादाखिलाफी कर के प्रदेश को अराजकता के गर्त में धकेल दिया है। पहले छत्तीसगढ़ को सीजी कहने से क्रेडिबल ग्रोथ (विश्वसनीय विकास) का बोध होता था, लेकिन कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में सीजी से क्रूएल्टी गवर्नेंस (अराजक शासन) का बोध हो रहा है। हालांकि, चौहान ने बीजेपी कार्यकर्ताओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार भले ही विकास, जन स्वास्थ्य और जन कल्याण के कामों की परवाह नहीं कर रही है, लेकिन पीएम मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के हित सुरक्षित हैं। चौहान ने भारत- चीन और कश्मीर में धारा 370 विवाद के लिए पंडित जवाहरलाल नेहरू और कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने
कहा कि मोदी सरकार ने चीन तक सड़क बनवा दी, चीन इसी से बौखला गया है।
चौहान ने कहा कांग्रेस पर चीन से डोनेशन लेने के इल्जाम लग रहे हैं। कांग्रेस ने चीन से गुपचुप समझौता किया है। चीनी दूतावास में चोरी-छिपे जाकर राहुल गांधी किन-किन लोगों से और क्यों मिले?कांग्रेस को कोई अधिकार नहीं है कि वह भाजपा को राष्ट्र भक्ति सिखाए और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे संवेदनशील विषयों पर कुछ बोले। राजीव गांधी फाउंडेशन को मिले डोनेशन पर सोनिया गांधी को जवाब देना चहिए।
पीएम बताएं, चीन विवाद में कौन झूठ बोल रहा: बघेल
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक बार फिर पीएम नरेन्द्र मोदी पर हमला किया है। बघेल ने वीडियाे कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि भारत-चीन सीमा पर तनाव को लेकर कांग्रेस और राहुल गांधी लगातार सवाल उठाते रहे हैं। सीएम ने कहा कि सीमा विवाद के बाद विदेश मंत्री, रक्षा मंत्री का बयान आया कि चीनी सैनिक भारत की सीमा में घुस कर निर्माण कार्य कर रहे हैं। लेकिन दूसरी आेर पीएम मोदी इस बात का खंडन करते हुए कहते हैं कि कोई चीनी सैनिक नहीं घुसा है न ही भारत की जमीन पर एक इंच भी काेई कब्जा है। इसलिए उन्हें यह स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर झूठ कौन बोल रहा है।
पीएम केयर फंड शून्य पारदर्शिता के साथ संचालित
सीएम ने कहा कि चीनी कंपनियों से पीएम केयर फंड से धन प्राप्त हुआ है। पीएम केयर फंड को कैसे नियंत्रित किया जाता इसकी जानकारी किसी को नहीं है। यह पूरी तरह से प्रधानमंत्री द्वारा शून्य पारदर्शिता के साथ संचालित है। रिपोर्ट बताती है कि 20 मई 2020 तक पीएम को 9678 करोड़ रुपए प्राप्त हुए हैं। चौकाने वाली बात यह है कि यद्यपि चीनी सेनाओं के हमले के बाद भी पीएम केयर में चीनी कंपनियों से पैसे प्राप्त हुए हैं।विवादस्पद कंपनी व्हाइल से 7 करोड़, टिकटाक ने 30 करोड़, पेटीएम से 100 करोड़, चीनी एमआई ने 15 करोड़ और ओप्पो ने 1 करोड़ का डोनेशन दिया है। 2013 में चीन से स्पष्ट शत्रुता के बाद भी पीएम मोदी ने फंड में चीनी धन क्यों प्राप्त किया है। इसका पीएम मोदी स्पष्ट जवाब देंगे क्या। उन्होंने कहा कि कुछ संगठन चीनी सामान के बहिष्कार की अपील कर रहे हैं, यदि भारत सरकार चीनी सामान काआयात बंद कर तो अपने आप बंद हो जाएगा। चीनी सामान का बहिष्कार लोगों के आईवाश करने का माध्यम है।
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