जिला कांग्रेस कमेटी ने केन्द्र सरकार की ओर से धान के समर्थन मूल्य में सिर्फ 53 रुपए की वृद्धि किए जाने के विरोध में प्रधानमंत्री के नाम एसडीएम यूएस बंदे को ज्ञापन सौंपा । जिलाध्यक्ष सुभद्रा सलाम ने कहा भारत एक कृषि प्रधान देश है, जहां की आबादी का 80 प्रतिशत हिस्सा कृषि पर आधारित है। केंद्र सरकार द्वारा धान के समर्थन मूल्य का निर्धारण के दौरान वैश्विक महामारी कोरोना के कारण से उत्पन्न किसानों को आर्थिक संकट को भी ध्यान में नहीं रखा गया है और बहुत ही अल्प राशि के वृद्धि की गई। इसका हम विरोध करते हुए स्वामीनाथन आयोग की ओर से किसानों के हितों के दृष्टिगत देखते हुए फसल की लागत मूल्य में डेढ़ गुना राशि का समर्थन मूल्य निर्धारण किए जाने की मांग करते हैं। उन्होंने कहा नरेंद्र मोदी ने चुनाव के दौरान किसानों की आय दोगुनी करने का वादा जो किया था, वो एक बार जुमला साबित हुआ है।
उन्होंने कहा किसानों के उपज धान के मूल्य में की गई समर्थन मूल्य में मात्र 53 रुपए की वृद्धि पर्याप्त नहीं है। धान के उपज के लागत मूल्य का खर्च के अनुपात में समर्थन मूल्य नहीं मिल पाने से किसानों में केंद्र सरकार द्वारा की गई इस वृद्धि से निराशा का माहौल है। केंद्र सरकार द्वारा किसानों के फसल के लिए समर्थन मूल्य के निर्धारण के दौरान किसानों की हितों की उपेक्षा कर किसानों को अहित किया गया है। इस दौरान पूर्व नपाध्यक्ष जितेंद्र सिंह ठाकुर, नरोत्तम पडोटी, दिलीप खटवानी, हरनेक सिंह औजला, आरती रवि श्रीवास्तव, मकबूल खान, चाकेश्वर गढ़पाले, केडी मिश्रा, गफ्फार मेमन, मांडवी दीक्षित, परदेशी निषाद, कौशिल्या शोरी, मनोज जैन, यासीन कराणी, कमला गुप्ता, विजय यादव, जितेन्द्र वैद्य, अजय रेणु, दीपक शोरी आदि उपस्थित थे।
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