Skip to main content

माफिया हर दिन निकाल रहे हजारों ट्रॉली रेत, नदी में मुरुम की सड़क भी बना ली

अतुल दुबे | जोरातराई रेत खदान में गुरुवार रात जिला पंचायत सदस्य से 3 घंटे तक मारपीट की गई। दो हाथ तोड़ दिए गए। फिर भी अफसर अवैध खनन से इनकार कर रहे। शनिवार को भास्कर ने ग्राउंड रिपोर्ट की तो पता चला अफसर झूठ बोल रहे हैं। शहर व आसपास के गांवों में सुबह 5 बजे से रात तक महानदी से हजारों ट्रॉली रेत लगातार निकाली जा रही है।
रेत माफिया ने महानदी में कई जगहों पर मुरुम की सड़क भी बना दी है। चेन माउंटेंन से रेत निकालकर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरी जा रही है। फिर भी अफसर कार्रवाई नहीं करना चाह रहे हैं। जबकि ये अवैध कारोबार सालों से चल रहा है। यह बरसात के ठीक पहले तेज हो गया है। इसकी जानकारी कलेक्टर से पटवारी तक व खनिज अधिकारी से एसडीएम, तहसीलदार सहित अन्य अफसरों को है। फिर भी रोका नहीं जा रहा है। शनिवार सुबह भास्कर टीम नदी किनारे-किनारे जहां तक गई वहां तक नदी में बस ट्रैक्टर दिखे। इन्हें रेत से भरा जा रहा था। कलेक्टोरेट से मात्र 5 किमी दूर अछोटा पुल से नीचे लीलर की ओर सैकड़ों ट्रैक्टर अल सुबह से देर रात तक देखे जा सकते हैं। अफसर अछोटा पुल से नगरी व अन्य क्षेत्रों में जाते रहते हैं लेकिन उन्हें ये ट्रैक्टर नहीं दिखते।

हद कर दी, नदी की धार में बनाई सड़क
अछोटा पुल से खरेंगा की ओर कोलियारी से आगे रेत माफिया ने नदी की धार में करीब 500 मीटर से ज्यादा मुरुम की सड़क बना ली है। भास्कर टीम को मौके पर जेसीबी, करीब 100 से अधिक ट्रैक्टर कतार से रेत भरवाते मिले। अफसरों की नजरों में यह नहीं दिख रहा है। जिला खनिज अधिकारी इस स्थान पर रेत खनन होने से लगातार इनकार करते रहे हैं।

एनजीटी के आदेश का पालन नहीं हो रहा
एनजीटी के आदेश के मुताबिक रेत निकालने में चेन माउंटेन मशीन का उपयोग नहीं कर सकते। साथ ही 15 जून से 15 अक्टूबर तक नदियों से रेत निकालने को प्रतिबंधित किया गया है। ऐसा नदी को नुकसान से बचाने के लिए किया गया है। इन आदेशों का पालन अफसर नहीं करा पा रहे हैं। नदी से चैन माउंटेन से रेत 15 जून के बाद भी बड़े स्तर पर निकाली जा रही है।

बनाया था वाट्सएप ग्रुप, पर कुछ नहीं हुआ
सितंबर 2019 में भास्कर ने अवैध खनन का मुद्दा उठाया तो तत्कालीन कलेक्टर रजत बंसल ने वाट्सएप समूह बनाकर इसमें सचिव, सरपंच, पटवारी राजस्व व पुलिस अऊसरों को जोड़ा था। इसमें अवैध खनन की सूचना देने व जिम्मेदार अफसरों से कार्रवाई करने कहा। हालांकि यह प्रयास भी नौटंकी से ज्यादा कुछ साबित नहीं हुआ। कलेक्टर बंसल के जाने के बाद यह और तेज हो गया है।

यह हैं जिम्मेदार

  • कलेक्टर
  • अपर कलेक्टर
  • सभी डिप्टी कलेक्टर
  • एसडीएम
  • तहसीलदार
  • नायब तहसीलदार
  • खनिज अधिकारी
  • खनिज निरीक्षक
  • संबंधित क्षेत्र के पटवारी, कोटवार
  • पंचायत के सरपंच व पंच।

10 लाख से ज्यादा वेतन ले रहे: अवैध खनन रोकने के लिए जिम्मेदार अफसर हर महीने करीब 10 लाख से अधिक वेतन का वेतन जनता के पैसे ले रहे हैं।

सीधी बात
सनत साहू, खनिज अधिकारी

सवाल - जिले में खूब अवैध खनन हो रहा है?
- कहीं भी अवैध खनन नहीं किया जा रहा। खदानें 15 जून से बंद हैं।
सवाल - सख्त कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है?
- जहां भी सूचना मिलती है वहां कार्रवाई की जाती है।
सवाल - कोलियारी, खरेंगा रोड से लगातार रेत निकाली जा रही है?
- नहीं इन स्थानों से रेत नहीं निकाली जा रही। हमारी टीम घूम रही है।
सवाल - वाहनों को राजसात या सख्ती से कार्रवाई क्यों नहीं करते?
- हमारे पर राजसात करने के अधिकार नहीं है। जुर्माना भरकर लोग वाहन ले जाते हैं।
सवाल - इसमें मिलीभगत तो नहीं हैं?
- नहीं ऐसा नहीं है। लगातार कार्रवाई की जा रही है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
प्रतिबंध के बावजूद धमतरी में किया जा रहा अवैध खनन।


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2V3BSQk
via

Comments