छग शासन द्वारा कर्मचारियों के वित्तीय मितव्ययता का हवाला देते वेतनवृद्धि व लंबित महड्डगाई भत्ते पर लगाई रोक के विरोध में छग प्रदेश लिपिक संघ कांकेर व अन्य कर्मचारी संगठनों ने बुधवार 10 जून को विरोध प्रदर्शन किया। इसे लेकर जिले के अधिकांश कार्यालयों में कर्मचारियों ने भोजन अवकाश में प्रदर्शन कर अपना विरोध जताया। इस दौरान कर्मचारी विरोध स्वरूप काली पट्टी लगाए हुए थे।
कांकेर जिला मुयालय के अलग अलग कार्यालयों के सामने प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने बताया छग सरकार ने शासकीय अधिकारी कर्मचारियों के विरूद्ध वार्षिक वेतनवृद्धि रोकने का निर्णय लिया है। सरकार का यह फैसला उचित नहीं है। छग में कोरोना वायरस का कहर है। कोरोना का खतरा होने के बाद भी सरकारी कर्मचारी लगातार अपनी सेवाएं दे रहे हैं। छग शासन को हमें कोरोना योद्धाओं के रूप में पुरस्कृत करना चाहिए न कि वेतन वृद्धि रोकना चाहिए। वित्त विभाग का यह आदेश कर्मचारियों को हतोत्साहित करने वाला है। पहले ही कोरोना वायरस के खिलाफ संघर्ष में प्रदेश के कर्मचारी राहत सहायता कोष में अंशदान दे रहे हैं। एसे में वेतन वृद्धि को रोकना गलत है जिसका विरोध किया जा रहा है। वेतन वृद्धि रोकने के आदेश को वापस नहीं लिया गया तो जुलाई माह में इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। प्रदर्शन में फेडरेशन सहसचिव सुरेंद्र कुमार एवं जिला प्रवक्ता मनोज कुमार वैष्णव समेत अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।
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