नगर पालिका निगम प्रशासन हर साल मानसून से पहले कृत्रिम बाढ़ से शहर को बचाने के लिए तैयारी करता है और शहर में मौजूद नाले-नालियों की सफाई के लिए अभियान चलाता है, लेकिन इस साल जून में नालों की सफाई को लेकर ननि प्रशासन के जिम्मेदारों की नींद टूटी है। अगर समय से पहले बारिश हुई तो गंदगी और कचरों से पटे नाले-नालियों से जल निकासी न होने के चलते समस्या आएगी और लोगों के घरों में न सिर्फ गंदा पानी बल्कि नाली-नालों में जमा गंदा मलबा भी पहुंचेगा।
हर साल शहर में बारिश के दौरान कई स्थानों पर पानी भर जाता है। इसी के चलते बारिश के पहले गुरुवार को महापौर सफीरा साहू, निगम आयुक्त प्रेम कुमार पटेल, पीडब्ल्यूडी सभापति यशवर्धन राव, राजस्व सभापति राजेश राय, स्वच्छता सभापति विक्रम सिंह डांगी, सुषमा कश्यप, नरसिंह राव, श्वेता बघेल ने विभिन्न वार्डों का दौरा किया। साथ ही जल भराव वाले क्षेत्रों को चिह्नित कर वहां होने वाली समस्याओं के समाधान पर बातचीत की। गीदम रोड, दलपत सागर रोड, मनीष काले नर्सिंग होम के सामने शहर के बड़े नालों की सफाई जेसीबी मशीन से चरणबद्ध तरीके से कराने की बात कही। जिस काम के लिए अधिकारी अब योजना बना रहे हैं वह काम 15 दिनों पहले पूरा होना चाहिए था।
जगदलपुर शहर में हैं 42 बड़े और 200 छोटे नाले
जगदलपुर शहर में नगर पालिका निगम अंतर्गत 48 वार्ड हैं। इन वार्डों में जल निकासी के लिए 42 बड़े नाले हैं, जबकि 200 मध्यम और 300 के आसपास छोटी नालियों के माध्यम से शहर सहित रहवासी क्षेत्र की काॅलोनियों के पानी की निकासी होती है।
सफाई गैंग में 15 से 50 कर्मचारी होंगे: निगम के स्वच्छता अधिकारी अरूण यादव ने बताया कि सफाई करने हर वार्ड में तीन कर्मचारी तैनात हैं। बारिश को देखते हुए सफाई के लिए अलग से गैंग में 15 से 50 कर्मचारी हैं।
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