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तेंदूपत्ता का भुगतान नकद किया जाए, इधर बीजापुर शहर पूरी तरह सील

बीजापुर जिले में तेंदूपत्ता के नकद भुगतान को लेकर लगातार ग्रामीण अपनी आवाज उठाते रहे हैं। सुनवाई न होने से नाराज जिले के हजारों ग्रामीण आदिवासी सोमवार को अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करने के लिए पहुंच गए। ग्रामीण आदिवासी अपनी संस्कृति के अनुसार सभी देवी-देवताओं को गाजे-बाजे, लाव लश्कर के साथ रैली की शक्ल में बीजापुर पहुंचे। रैली को लेकर नगर में काफी तनाव का माहौल बना रहा।
ग्रामीणों के शहर में प्रवेश को रोकने प्रशासन ने जगह-जगह बैरिकेड्स लगाए गए थे जिसे ग्रामीणों ने तोड़ दिया और शहर के अंदर घुस गए। प्रशासन द्वारा जिला पंचायत ऑफिस और कलेक्टोरेट ऑफिस के गेट को बंद कर दिया गया। सभी दुकानों को बंद कर दिया। इधर ग्रामीण जब प्रदर्शन के लिए कलेक्टोरेट नहीं जा सके तो वे इससे लगे मैदान के पास धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों ने कहा कि वे अपनी मांगों को पूरा कराने के लिए कल कलेक्टोरेट के सामने बैठ धरना प्रदर्शन करेंगे।
ग्रामीणों ने कहा- नकद पैसा दें, चेक नहीं चाहिए
ग्रामीणो ने कहा कि उनकी मांग है कि उन्हें तेंदूपत्ता का नगद भुगतान किया जाए। बैंक से पैसा निकालने में उन्हें काफी परेशानी होती है। समय के साथ पैसे की भी बर्बादी होती है। नाराज ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें चेक के माध्यम से पैसा दिया जाता है। इस पैसे को निकालने के लिए बैंको में लाइन लगानी पड़ती है। कई ग्रामीणों ने कहा कि उनके गांव से जिला मुख्यालय तक आवाजाही करने के लिए हर समय साधन नहीं मिलता है। जिसके चलते उन्हें बार-बार बैंक के चक्कर लगाने पड़ते हैं। कोरोना के चलते वे बार-बार जिला मुख्यालय नहीं जाना चाहते हैं।
ये है ग्रामीणों की पांच मांगें

  • आदिवासी क्षेत्रों में तेंदूपत्ता राशि नगद भुगतान।
  • वर्ष 2018-19 का तेंदूपत्ता बोनस नकद भुगतान हो
  • छात्रों की छात्रवृत्ति में बढ़ोत्तरी की जाए।
  • आदिवासी ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस द्वारा हो रहे अत्याचार को बंद किया जाए।
  • ग्राम पंचायतों में स्कूल और अस्पताल खोले जाएं।

चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया
ग्रामीणों की लगातार बढ़ रही भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने बीजापुर जिला मुख्यालय को किया सील कर दिया है। इसके अलावा चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया है। इधर दूसरी ओर ग्रामीणों की समस्याओं को सुनने व समझाने के लिए बीजापुर जिला प्रशासन की ओर से एसडीएम व अधिकारियों की टीम चेरपाल पहुंची। उन्होंने ग्रामीणों से उनकी समस्याओं लेकर बातचीत की लेकिन अधिकारियों की इस कोशिश का कोई असर ग्रामीणों पर नहीं हुआ। ग्रामीण बीजापुर आने पर अड़े थे।

कार्यकर्ताओं को रैली में जाने से रोक रहे: गागड़ा
भाजपा नेता और पूर्व मंत्री महेश गागड़ा ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि कार्यकर्ताओं को रैली में ग्रामीणों के समर्थन में शामिल होने के लिए जाने से रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ग्रामीणों की मांग को गंभीरता से लेती तो वे लोग मजबूरी में इतनी दूर पैदल चलकर धरना देने नहीं आते। इससे पूर्व जब हमारी सरकार थी तो हम तेंदूपत्ता का भुगतान ग्रामीणों को नकद करते थे। जिला अध्यक्ष श्रीनिवास मुदलियार ने कहा कि उनकी टीम को रैली में शामिल होने के लिए जाने से पहले प्रशासन के द्वारा रोक दिया गया।

विधायक ने कहा- जहां बैंक नहीं, वहां मिलेगी नकदी ग्रामीण बोले-2 दिन में नहीं मिला तो आंदोलन करेंगे
तेंदूपत्ता का नगद भुगतान नहीं मिलने से नाराज ग्रामीण विधायक विक्रम मंडावी की मौजूदगी में कलेक्टर रितेश अग्रवाल से मिले। करीब एक घंटे की बातचीत के बाद विधायक ने ग्रामीणों ने कहा कि जिस गांव में बैंक नहीं है वहां पर तेंदूपत्ता संग्राहकों को नकद में पैसा दिया जाएगा। इसके साथ ही जहां बैंक है वहां पर पूर्व की तरह ऑनलाइन पैसा ही मिलेगा। विधायक की बात सुनने के बाद ग्रामीणों ने विधायक को चेतावनी देते कहा कि दो दिनों में नगद पैसे नहीं मिले तो कई गांव के लोग अपने परिवार के साथ जिला मुख्यालय में धरना प्रदर्शन करेंगे।



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Demand- Tendu leaves should be paid in cash, Bijapur city completely sealed


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