शहर में विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर सीएम हाउस, राजभवन समेत कई जगह पर पौधरोपण किया गया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने निवास परिसर में अमरूद, आम और बोहार के पौधे लगाए। पौधरोपण को लेकर लोगों की उदासी पर उन्होंने कहा कि यदि पेड़ वाई-फाई देते, तो पता नहीं कितने पेड़ लग जाते लेकिन यह केवल ऑक्सीजन देते हैं। आॅक्सीजन हमारे जीवन के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रदेशवासियों से कहा कि आप सभी अपने घरों में या आसपास एक पौधा अवश्य लगाएं और इसे जीवित रखने की जिम्मेदारी लें।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ काफी भाग्यशाली है कि यहां 44 प्रतिशत क्षेत्र में जंगल हैं। हमारे पुरखों ने इन जंगलों को सहेज कर रखा। इसके महत्व को हमारे पूर्वज बेहतर समझते थे। हमारी पहचान, हमारी संस्कृति और हमारा जनजीवन इनसे जुड़ा हुआ है, यदि पेड़-पौधे नहीं होते, तो तापमान कितना बढ़ जाता। प्रकृति का संतुलन बिगड़ जाता है और इससे बड़े भारी नुकसान का सामना हमको करना पड़ता। आज पूरे देश में कोरोना संक्रमण फैला हुआ है और केवल देश में ही नहीं पूरे विश्व में, ऐसे समय में शुद्ध वातावरण का कितना महत्व है यह हर व्यक्ति समझ रहा है। छत्तीसगढ़ इस मामले में भाग्यशाली है कि यहां 44 प्रतिशत जंगल है, जिसे हम सबने बचा के रखा है और इसे आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी भी हम सब की है।
राज्यपाल ने लगाए अमलतास के पौधे
राज्यपाल अनुसूईया उइके ने राजभवन परिसर में पौधरोपण किया। उन्होंने अमरूद, अनार, आंवला, कटहल, काला जामुन, स्वर्ण चम्पा और अमलतास के पौधों का रोपण किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले वस्तुओं का कम से कम उपयोग करें। प्रदूषण रोकने का सही उपाय वृक्षारोपण करना है।
वामनराव लाखे स्कूल में 21 पौधे लगाए
हीरापुर स्थित वामनराव लाखे व एसपी विद्या मंदिर में 21 पौधे लगाए गए। साथ ही एक साल में 5000 पौधे लगाने का संकल्प लिया गया। इस दौरान शिक्षा प्रचारक समिति के अध्यक्ष अजय तिवारी, सचिव अनिल तिवारी, जिला शिक्षा अधिकारी जी आर चंद्राकर, सुरेश शुक्ला, मंजू साहू, आशा बोस, डॉ. देवाशीष मुखर्जी, गायत्री सिंह आदि उपस्थित रहे।
वनमंत्री अकबर ने लगाए चीकू के पौधे
पर्यावरण दिवस पर वन व पर्यावरण मंत्री मोहम्मद अकबर ने अपने निवास में सफेद चंदन, चीकू, अमरूद, कटहल आदि के पौधे लगाए। इस दौरान प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी और अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि हम सभी को ज्यादा से ज्यादा से पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण में अहम भागीदारी निभानी है।
पर्यावरण हितैषी है एनएमडीसी: बैजेंद्र
एनएमडीसी के सीएमडी एन बैजेंद्र कुमार ने कहा कि एनएमडीसी एक जिम्मेवार और पर्यावरण-हितैषी खनिक के रूप में विकास के प्रति प्रतिबद्ध हैं। हम सदैव प्रकृति के संरक्षण के लिए प्रयासरत हैं। अपनी परियोजनाओं को पर्यावरण हितैषी बनाने व सभी स्टेक धारकों के लिए सुरक्षित रखने के लिए वचनबद्ध हैं। एनएमडीसी को दौरान माइंस इंवायरमेंट और मिनेरल कंजरवेशन वीक के दौरान विभिन्न वर्गों में ग्रीन ग्रीन टेक पर्यावरण अवार्ड, चार प्रथम पुरस्कार व 2 द्वितीय पुरस्कार और समग्र निष्पादन में प्रथम पुरस्कार मिला है। एनएमडीसी पारिस्थितीय संतुलन बनाए रखने में विश्वास करता है।
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