उरगा थाना अंतर्गत मड़वारानी के भैसामुड़ा ग्राम पंचायत के आश्रित गांव कुररिहा पारा निवासी दिलहरण धनवार (28) पत्नी सुमित्रा बाई व 6 वर्षीय बेटी श्वेता उर्फ सुरजा के अलावा अपने साथी कुधरीपारा निवासी लक्ष्मी प्रसाद धनवार (28) व उसकी पत्नी दिल बाई इलाहबाद से लौट रहे थे। वे शनिवार को बिलासपुर स्टेशन पहुंचे।
इसके बाद किसी तरह कनकी बैरियर पहुंचे। जहां से रात में कुदुरमाल-संडैल नहर मार्ग से पैदल चलते हुए शार्टकट जंगल रास्ता पकड़ लिया। रात करीब 2 बजे वे अपने गांव से करीब आधा किलोमीटर दूर थे। जहां पगडंडी पर जंगली जानवर को मारने के लिए बिजली लाइन से हुकिंग करके बिछाए तार के संपर्क में दिलहरण आ गया। उसकी पीठ पर बैठ टंगे थे, जबकि गोद में 6 साल की बेटी श्वेता थी। जैसे ही उसे करंट लगा तो उसने बेटी को पत्नी के पास फेंक दिया, जिससे वह बच गई। लेकिन दिलहरण की मौके पर ही मौत हो गई।
11 केवी लाइन से हुकिंग जंगली सूअर भी मिला मृत
घटनास्थल पर जहां दिलहरण की मौत हुई उससे 50 मीटर दूर खेत में एक जंगली सूअर मृत मिला। जिससे साफ हो गया कि वहां जानवर के शिकार के लिए करंट का तार लगाया गया था। लेकिन घटनास्थल पर तार नहीं मिला। सभवत: सुबह वहां पहुंचे शिकारी दिलहरण को मृत हालत में देखकर तार निकालकर भाग निकले। घटनास्थल के पास से 11केवी लाइन गुजरी है। बिजली विभाग ने उक्त लाइन से हुकिंग होने की पुष्टि की। पुलिस 3 संदेहियों से पूछताछ कर रही है।
क्वारेंटाइन सेंटर में ठहराते तो नहीं होती घटना: लक्ष्मी
मृतक दिलहरण के साथी मजदूर लक्ष्मी प्रसाद के मुताबिक उन्हें कनकी बैरियर से तरदा क्वारेंटाइन सेंटर भेजा गया। जहां जगह नहीं होना बताकर उन्हें कुदुरमाल या अपने गांव के समीप स्थित क्वारेंटाइन सेंटर जाने को कहा गया। रात का समय था और गांव जाने के लिए कोई साधन नहीं था। ऐसे में उन्होंने मजबूरी में परिवार समेत जल्दी अपने गांव पहुंचने के लिए मड़वारानी पहाड़-जंगल मार्ग चुना। यदि क्वारेंटाइन सेंटर में ठहरा दिया जाता या फिर उन्हें गांव या दूसरे सेंटर तक भेजने की व्यवस्था की जाती तो यह घटना नहीं होती।
करतला वन परिक्षेत्र में करंट से करते हैं शिकार
घटनास्थल कोरबा वन मंडल अंतर्गत करतला वन परिक्षेत्र के मड़वारानी जंगल के तराई क्षेत्र में कक्ष क्रमांक-0ए-1503 में हुई है। इस क्षेत्र में भालू के अलावा जंगली सूअर, कोटरी, हिरण, खरगोश, मोर, तीतर-बतेर, जंगली मुर्गा, हिरण बड़ी संख्या में है। साथ ही अक्सर रात के समय क्षेत्र में बिजली लाइन बार-बार ट्रिप होती है। जिससे माना जा रहा है कि लंबे समय से इस तरह करंट तार बिछाकर जंगली जानवरों का शिकार किया जा रहा था।
अवैध शिकार का मामला कड़ी कार्रवाई की जाएगी
कोरबा डीएफओ एस गुरुनाथन के मुताबिक मड़वारानी जंगल में अवैध शिकार का मामला है। जिससे जंगली सूअर की मौत हुई है। इसके लिए बिछाए गए तार का करंट लगने से मजदूर की भी मौत हुई है। मामले में 3 संदेहियों को पकड़ा गया है। जांच के आधार पर ऐसा कृत्य करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
शार्टकट से लौट रहे थे गांव, आरोपियों पर केस
कोरबा सीएसपी राहुल देव शर्मा ने बताया कि प्रवासी मजदूर यूपी से बिलासपुर लौटने के बाद कनकी पहुंचे थे। मजदूर शार्टकट जंगल के रास्ते से लौट रहे थे। तब जानवर के शिकार के लिए लगाए करंट प्रभावित तार के संपर्क में आने से एक मजदूर की मौत हुई। मामले में आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच की जा रही है।
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