अधिक पैदावार लेने किसानों द्वारा उपयोग की जाने वाली बिलासपुर की बीईसी कंपनी की खाद का एक लाट जांच में अमानक पाया गया है। कृषि विभाग ने इसकी बिक्री पर रोक लगाकर कंपनी और दुकानदार को नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा है।
जानकारी के मुताबिक करीब दो महीने पहले बस्तर के सोनारपाल के भानुशाली कृषि केंद्र के संचालक ने बिलासपुर की बीईसी कंपनी की सिंगल सुपरफास्फेट खाद मंगाई थी। दुकानदार द्वारा मंगाई गई खाद के लाट नंबर जेडएन - एसएसपी - 04 2020-21 अमानक पाया गया है। कृषि विभाग के सहायक संचालक विकास साहू ने बताया कि खाद के अमानक पाए जाने के बाद दुकानदार ने किन-किन किसानों को बेचा है इसकी सूची मंगाई गई है। इसके अलावा कंपनी को नोटिस भेजा गया है लेकिन जवाब नहीं दिया है।
जानिए, इन कारणों से अमानक पाई गई खाद
जांच रिपोर्ट के मुताबिक 100 किलोग्राम सिंगल सुपरफास्फेट खाद में जिंक की मात्रा 0.5 फीसदी होनी चाहिए लेकिन बीईसी कंपनी की इस खाद में केवल 0.37 फीसदी ही जिंक पाई गई। इसके अलावा इस खाद में फास्फोरस की मात्रा 16 फीसदी की जगह 10.41 पाई गई।
रिपोर्ट आने से पहले 25 टन खाद बिक चुकी
कृषि अधिकारी ने 22 मई को इसकी सैंपलिंग की थी। इसके बाद जांच के लिए रायपुर की सरकारी लैब में भेजा गया था जहां यह अमानक पाई गई। खाद अमानक पाए जाने की जानकारी कृृषि विभाग को 19 जून को मिली। रिपोर्ट मिलने के बाद कृषि विभाग ने इसकी बिक्री पर रोक लगा दी लेकिन तब तक दुकानदार 25 टन खाद बेच चुका था। साहू ने कहा कि किसानों को कोई नुकसान न हो इसलिए आरएईओ किसानों से संपर्क कर रहे हैं और जिन किसानों ने इस खाद का उपयोग नहीं किया है उन्हें समझाइश दे रहे हैं।
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