जिले में पहुंचे टिड्डी दल का रविवार को भी लोकेशन नहीं मिली। शनिवार शाम तक कृषि व राजस्व विभाग के अफसर बोड़ला के ग्राम खारा-घानीखुटा व पंडरिया ब्लॉक के चियाडाड, लिम्हाईपुर में मौजूद थे, लेकिन टिड्डी दल के संबंध में कोई भी जानकारी नहीं मिल सकी।
कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक बीपी त्रिपाठी ने बताया कि अंतिम बार शुक्रवार शाम तक दल जिले में तीन जगह में था। शनिवार के बाद से कोई जानकारी नहीं मिली है। संभावना व्यक्त की जा रही है कि यह दल मध्यप्रदेश के डिंडौरी-शहडोल जिले की ओर चले गए होंगे। राज्य के मुंगेली व बिलासपुर जिले में भी चले गए होंगे, क्योंकि हवा का रुख उत्तर-पूर्व है। जिले की टीम डिंडौरी, मुंगेली, बिलासपुर के कृषि विभाग के अफसरों से जानकारी ले रही है। यहांं दल के नहीं पहुंचने के बारे में जानकारी मिली है।
पहाड़ों से घिरा, इस कारण लोकेशन नहीं मिल रही
टिड्डी दल कबीरधाम जिले में तीन दिन बोड़ला ब्लॉक व पंडरिया ब्लॉक के वनांचल में रहे। यह क्षेत्र जंगल व पहाड़ों से घिरा हुआ है। पहाड़ों के बाद एमपी का क्षेत्र शुरू हो जाता है। वहीं जंगल व पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण यहां तक राहत टीम भी नहीं पहुंच पा रही। ऐसे में शनिवार से ही टिड्डी मारने का आॅपरेशन बंद कर दिया है। दीगर जिलों में बुलाई गई फायर बिग्रेड की टीम को वापस भेज दिया है। पंडरिया व बोड़ला ब्लॉक के मुनादी कराई जा रही है।
टिड्डी मारने के बाद उस स्थान पर बदबू से परेशानी
जिन क्षेत्र में टिड्डी दल पहुंचा था, वहां राहत टीम ने टिड्डियों को भगाने व मारने का काम किया। कीटनाशक का छिड़काव किया। अब टिड्डी मारने के बाद संबंधित क्षेत्र में ग्रामीण बदबू से परेशान हैं। जिले में लाखों टिड्डी को मार गिराया है। कई मादा टिड्डियां जमीन पर बैठी हुई थी। ऐसे में अंडे देने की संभावना भी बढ़ गई है। हालांकि कीट-पतंग विशेषज्ञ मान रहे हैं कि ये अंडे नहीं दिए होंगे। क्योंकि ये ज्यादातर पेड़-पौधो में बैठी थी। अगर टिड्डी अंडे भी दिए होंगे।
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