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पिछले साल रोपे पौधे देखभाल के बिना हुए नष्ट, कहीं सिर्फ ठूंठ, तालाब भी प्रदूषित

पिछले साल 5 जून को पर्यावरण दिवस पर 40 पौधों का रोपण वनविभाग ने जनप्रतिनिधियों के माध्यम से कराया था। इनकी सुरक्षा के लिए ट्री गार्ड लगवाए गए थे जिनमें से अधिकांश चोरी हो गए हैं। तीन माह से पौधों को पानी भी नहीं दिया जा रहा है। यहां 40 में से मात्र 10 पौधे ही हरे भरे नजर आ रहे हैं। कुछ पौधों के तो सिर्फ ठूंठ नजर आ रहे हैं।
यह पिछले साल की ही नहीं हर साल की कहानी है। हर साल शहर में विभिन्न सरकारी संस्थान, समाजसेवी तथा अन्य संस्थाएं पौधे तो लगाते हैं लेकिन देखरेख नहीं करते जिससे पौधे नष्ट हो जाते हैं। महिला आईटीआई परिसर में 40 पौधे चार वर्ष पहले लगाए गए थे जो नष्ट हो गए हैं। एकता नगर स्थित विधुत कार्यालय परिसर में भी ट्री गार्ड लगाकर पौधे लगाए गए थे जो नष्ट हो गए हैं। अलबेलापारा गार्डन में भी कई पौधे लगे हैं जो पानी नहीं मिलने की वजह से सूख रहे हैं। शहर में वायु प्रदूषण के साथ नदी, तालाब में गंदगी फेंकने से पानी भी प्रदूषित हुआ है। दूधनदी, कंकालिन तालाब, डांग तालाब, दीवान तालाब, डडिया तालाब में पहले काफी हरियाली नजर आती थी लेकिन अब हर जगह कचरे का ढ़ेर नजर आता है। वार्डवासियो के अनुसार कंकालिन तालाब, दीवान तालाब में तो काफी सारे पेड़ पौधे थे जो काट लिए गए। दूधनदी तट में राजापारा मार्ग में आम का बगीचा था। भंडारीपारा मार्ग में भी 20 से 25 वर्ष पहले कई पेड़ लगे थे। पुराना बस स्टैंड तथा उसके आसपास भी पेड़ लगे थे लेकिन अब नदी तट में इक्के दुक्के ही पेड ऩजर आते हैं। समाजसेवी प्रमोद चोपड़ा ने कहा शहर के दूध नदी के साथ गढिय़ा पहाड़ में काफी हरियाली थी, लेकिन अब शहर मेंं पहले जैसे हरियाली नहीं है। कंाकेर में पर्यावरण संतुलन पर ध्यान देना चाहिए।

पहले तालाब का पानी पीते थे, अब नहाना भी मुश्किल
जनकपुर वार्ड के 76 वर्षीय प्रहलाद सिंह ठाकुर ने कहा वार्ड के तालाब तट में काफी हरियाली थी लेकिन अब तालाबों में गंदगी फेंकी जा रही है। पहले तालाब के पानी का उपयोग पीने के लिए किया जाता था अब तो नहाने पर खुजली होती है। समाजसेवी पप्पु मोटवानी ने कहा अवैध कटाई पर रोक लगना चाहिए। पर्यावरण प्रबोध मंच से जुड़े मोहन सेनापति ने कहा शहर के में हरियाली कम हुई है। लोगों को अपने घर में पौधे लगाना चाहिए।
ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है: हौम्योपैथी डा ओपी अग्रवाल ने कहा कि पेड़ पौधो की अवैध कटाई से ऑक्सीजन की मात्रा काफी कम हो जाती है जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इससे कई प्रकार की बीमारी होती है।



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Last year, saplings were destroyed without care, only stub somewhere, ponds also polluted


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