बलरामपुर जिले के रघुनाथपुर थाना इलाके के ग्राम सरना में एक दंपती ने पुलिस के सहायक उप निरीक्षक पर लात घूसों से पिटाई करने और झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगाया है। वहीं पिटाई से डरे युवक ने जहर खाकर जान देने की कोशिश की है। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मामले में रघुनाथनगर टीआई का कहना है कि सुनियोजित तरीके से पुलिस कर्मी के साथ मारपीट की तैयारी थी। आरोप झूठे हैं, शिकायत के बाद जांच होगी। वहीं पीड़ित ने मामले की शिकायत किसी अधिकारी से अब तक नहीं की है। बताया जा रहा है कि सरना निवासी वंश बहादुर का उसकी बहन से विवाद हो गया था।दोनों ने थाने में शिकायत की थी। जिसकी जांच एएसआई अश्विन दीवान को करनी थी। अस्पताल में बंश बहादुर ने बताया कि अश्वनी बुधवार रात 8 बजे के करीब घर पहुंचे। वह मुझे और मेरी पत्नी को थाने ले जाने लगे। जबकि मैने टीआई से कहा था कि किसी दूसरे अधिकारी को जांच के लिए भेजेंगे। एसआई से मैंने कहा कि मेरे आवेदन पर भी जांच कर लें। इसके बाद हमें रात में ले जाएं। इस पर वे लात घूसों से मारपीट कर मुझे गाड़ी के बिठा लिए फिर पत्नी को भी घर से घसीटकर निकालने लगे। उसकी गोद में दो माह का बच्चा था, उसका भी गला दबा दे रहे थे। विरोध करने पर वे झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देकर चले गए। इससे दहशत में था और रात में ही जहर खा लिया था। अस्पताल में ही बंश बहादुर और उसकी पत्नी मीना ने मीडिया कर्मियों के सामने रिकार्डेड बयान दिया है।
जांच के बाद दोषियों पर की जाएगी कार्रवाई: टीआई
"अश्विन दीवान जांच में गए थे, जहां सुनियोजित तरीके से विवाद व मारपीट की तैयारी थी। इसकी जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।"
-जान लकड़ा, थाना प्रभारी, रघुनानगर
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