सामाजिक कार्यकर्ता सोनी सोरी सोमवार को दंतेवाड़ा में कलेक्टर-एसपी बंगले के सामने अपनी गाड़ी से उतरकर सूमो सवार से भिड़ गईं। वाई श्रेणी सुरक्षा प्राप्त सोनी सोरी को अब पुलिस से ही खतरा महसूस होने लगा है। दरअसल, सोनी को दो दिन से इस बात का शक था कि पुलिस उनका पीछा कर रही है और गाड़ी चढ़ाकर मारने की कोशिश हो रही है। सोनी ने कहा कि पहले तो 28 जून को सारकेगुड़ा जाने से रोका, फिर 29 जून को बीजापुर में हो रहे आंदोलन में शामिल होने से रोक लगा दी।
सोनी का कहना है अब जब मैं सोमवार सुबह 10:30 बजे गीदम से दंतेवाड़ा अपने भाई के पास किसी काम से आई तो मैंने ध्यान दिया कि मेरा पीछा किया जा रहा है। पहले बाइक सवारों ने पीछा किया, इसके बाद बिना नंबर की सूमो गाड़ी मेरे पीछे थी। दंतेवाड़ा में एसपी व कलेक्टर बंगले के सामने आखिरकार मैंने उनसे बात करने का निश्चय किया। सोनी का आरोप है कि मुझ पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की गई। मैंने हिम्मत दिखाते हुए ललकारा और कहा कि वे चाहते हैं तो मेरी हत्या कर दें। सोनी सोरी ने कहा कि मुझे पूरा भरोसा है, वे पुलिस विभाग के ही लोग थे। यह भी कहा कि 2016 को मुझ पर एसिड हमले के बाद वाई श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई थी। पिछले काफी समय से मेरी यात्रा पर रोक लगाने की कोशिश हो रही।
सुरक्षा मिली है तो मापदंड का पालन भी ज़रूरी
इधर एसपी डॉ अभिषेक पल्लव ने कहा कि उन पर गाड़ी चढ़ाकर जान से मारने की कोशिश वाली बात सरासर गलत है। उन्हें वाई श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है, ऐसे में उनकी सुरक्षा की हमारी जिम्मेदारी है। दंतेवाड़ा में जिस भी इलाके में जाना होता है कभी नहीं रोका जाता। वे बिना बताए गीदम से निकल गई थीं, सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस विवेचना के लिए दंतेवाड़ा आ रही थी। जवान ड्यूटी पर थे। उन्होंने गाड़ी को रोक दिया और भड़क गईं। यदि उन्हें बिना बताए कहीं जाना है तो सुरक्षा लेना छोड़ दें।
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