लद्दाख में इंडो-चाइना बॉर्डर पर चीनी सेना के साथ मंगलवार रात हुई झड़प में शहीद गणेश राम कुंजाम का नाम अब गांव की आने वाली पीढ़ियां जान सकेंगी। गृहग्राम की जिस गिधाली प्राथमिक शाला में गणेश पढ़े थे, उसका नाम उन्हीं की याद में रखा जाएगा। सीएम भूपेश बघेल ने गुरुवार की शाम रायपुर में शहीद को पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ इसकी घोषणा की। सीएम ने शहीद गणेश के परिजनों के लिए अन्य घोषणाएं भी कीं। इधर गांव में अपने लाल को विदाई देने लोग भाेर से ही जुटने लगे थे। दिनभर शहीद गणेश अमर रहें के जयकारे गूंजते रहे।
शहीद के पिता इतवारू राम और चाचा तिहारू राम सुबह ही रायपुर रवाना हो गए थे। जिलेभर से लोग जुटने लगे थे, शाम तक भीड़ बढ़ती गई। रात 7.45 बजे पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, जिसके पीछे चारामा से युवा बाइक रैली के रूप में जयकारे लगाते गांव पहुंचे। गांव में विशेष वाहन पहुंचते ही जय-जयकार से गांव गूंजने लगा। परिजन और विशिष्टनों की श्रद्धांजलि के बाद देर रात शहीद का अंतिम संस्कार किया गया।
सीएम, मंत्रियों व पूर्व सीएम ने दी पुष्पांजलि
रायपुर में सीएम भूपेश बघेल ने शहीद के पार्थिव शरीर को कंधा दिया। श्रद्धांजलि देने के दौरान कई मंत्री और पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह सहित कई प्रमुख नेता व आला अधिकारी मौजूद थे। सभी ने शहीद को पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने शहीद के परिजनों को 20 लाख की आर्थिक सहायता राशि का चेक देते शहीद के परिवार के एक सदस्य को शासकीय नौकरी देने की भी घोषणा की।
शाम को विशेष विमान से रायपुर लाया गया शरीर
गुरुवार शाम 4.30 बजे शहीद का पार्थिव शरीर विशेष विमान से रायपुर एयरपोर्ट लाया गया। राजधानी के पुलिस ग्राउंड मैदान में शहीद को सलामी देने सीएम भूपेश बघेल समेत अन्य मंत्री, विधायक आैर अफसर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय गणेश कुंजाम ने देश के लिए शहादत दी है। ऐसे महान सपूत पर हम छत्तीसगढ़ वासियों को गर्व है। उन्होंने शहीद गणेश राम कुंजाम की स्मृति को अमर बनाने उनके गिधाली शाला का नामकरण उनके नाम पर करने घोषणा की की। शाम 5 बजे पार्थिव शरीर हेलिकाॅप्टर से कांकेर रवाना किया गया। शहीद के पिता व अन्य परिजन सड़क मार्ग से गिधाली के लिए निकले। शाम 6 बजे हेलिकाप्टर जंगलवाॅर काॅलेज में उतरा। यहां से सड़क मार्ग से पार्थिव शरीर कुर्रूटोला के आश्रित गांव गिधाली रवाना किया गया। चारामा से बाइक सवार युवाओं के समूह ने करीब 1 किमी लंबी रैली के रूप में शहीद को श्रद्धांजलि दी। पहले अनुमान था कि विशेष विमान दिन में 1 बजे पहुंच जाएगा, इसीलिए लोग दिन में ही गांव पहुंचने लगे थे।
दोस्त महेंद्र बोले- शांत गणेश मदद में सबसे आगे रहता था
शहीद गणेश के दोस्त महेंद्र सेवता ने बताया शांत स्वभाव का था लेकिन किसी की मदद के लिए हमेशा तैयार रहता था। जो भी उसे रास्ते में मिल जाए तो अपने साथ वाहन में बैठा उसे मंजिल तक छोड़ देता था। महेंद्र ने बताया जब उसकी शादी तय हुई तो उसने कहा अब तू भी लड़की देख ले, दोनों साथ में शादी करेंगे।
भीड़ देखते हुए मास्क बांटा गया, मोबाइल नेटवर्क ध्वस्त
भीड़ को देखते जनपद पंचायत ने एक हजार लोगों को मास्क बंटवाए। दोपहर 2 बजे तक पूरे मास्क बंट चुके थे। हेलीकॉप्टर निकलने की सूचना पर भीड़ बढ़ती गई। गांव में शाम 5 बजे तक 2 हजार से अधिक लोग जुट गए थे। भीड़ बढ़ने के कारण मोबाइल नेटवर्क तक ध्वस्त हो गया था।
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