शहर के नयामुंडा इलाके में रहने वाली 23 वर्षीय कोरोना पॉजिटिव युवती की रायपुर एम्स में इलाज के दौरान मौत हो गई है। इसके साथ बस्तर में कोरोना से पहली मौत हो गई है। अफसरों के अनुसार एम्स में इलाज के दौरान शुक्रवार की शाम को युवती की तबीयत बिगड़ने लगी और रात साढ़े नौ बजे के करीब उसने दम तोड़ दिया।
युवती की मौत के बाद जगदलपुर में उसके परिजनों को इसकी जानकारी दी गई। सीएसपी हेमसागर ने बताया कि परिजन रायपुर के लिए रवाना हो गए हैं और युवती का अंतिम संस्कार रायपुर में ही किया जाएगा। उसके शव को जगदलपुर नहीं लाया जा रहा है। इधर युवती का इलाज करने वाले एम्स के डॉक्टरों ने बताया कि युवती पहले ही बीमार थी। वह ल्यूकेनिया (रक्त के कैंसर) से पीड़ित थी।
युवती के घर के आसपास का इलाका अभी भी सील
इधर युवती के घर के आसपास का इलाका अभी भी सील रखा गया है और इसे कंटेनमेंट जोन में शामिल किया गया है। बताया जा रहा है कि यह पूरा इलाका 14 दिन तक सील रहेगा। हालांकि इसके लिए भी कई नियम हैं और यदि इलाके में सभी की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आती है तो कंटेनमेंट जोन से हटाया भी जा सकता है। इलाके में किसी को भी आने-जाने की अनुमति नहीं है। यहां लोगों को महापौर सफीरा साहू और सभापति कविता साहू राशन व अन्य राहत सामग्री उपलब्ध करवा रही हैं।
युवती के संपर्क में आने वाले 80 लोग कोरोना निगेटिव
गौरतलब है कि 29 मई को शहर के एमपीएम हॉस्पिटल में इलाज के दौरान युवती की तबीयत ज्यादा खराब हो गई थी। एमपीएम हॉस्पिटल में इलाज के दौरान यह स्पष्ट नहीं हो पाया था कि वह कोराना पीड़ित भी है। इसके बाद जब उसे यहां से रेफर किया गया और रायपुर के एक निजी हॉस्पिटल में भर्ती किया गया। तब वहां हुई जांच के बाद वह कोरोना पॉजिटिव निकली थी। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि युवती कोरोना की चपेट में कैसे और कहां से आई है। इसके अलावा इस मामले में खास बात यह है कि अब तक युवती के संपर्क में आने वाले 80 से ज्यादा लोगों का कोरोना टेस्ट करवाया जा चुका है लेकिन सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। ऐसे में कयास लगाये जा रहे हैं कि युवती रायपुर में ही कोरोना पॉजिटिव हुई होगी। इधर एमपीएम हॉस्पिटल में अभी भी नए मरीजों के इलाज पर रोक को जारी रखा गया है।
बस्तर का पहला कोरोना पॉजिटिव डिस्चार्ज
इधर बस्तर जिले में मिले पहले कोरोना पॉजिटिव इंटर्न डॉक्टर अब कोरोना संक्रमण से मुक्त हो गया है। शनिवार को डिस्चार्ज कर दिया गया है। इसके साथ ही अब मेकाज से कोरोना की जंग जीतने वालों की संख्या 7 हो गई है। इसके अलावा यहां भर्ती अन्य तीन कोरोना पॉजिटिव मरीज भी स्वस्थ हो चुके हैं। बताया जा रहा है कि इन तीनों का इलाज पूरा हो चुका है और इन्हें कभी भी डिस्चार्ज दिया जा सकता है। ऐसा माना जा रहा है कि रविवार या सोमवार को सभी एक्टिव मरीजों को जांच के बाद डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। इधर शनिवार को कांकेर जिले में मिले एक कोरोना पॉजिटिव मरीज को मेडिकल कॉलेज जगदलपुर में भर्ती किया गया है। इसके साथ ही मेकॉज में भर्ती एक्टिव मरीज की संख्या चार हो जाएगी।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3cIgnum
via
Comments
Post a Comment