Skip to main content

राजधानी में निर्माण के मलबे का प्रोसेसिंग प्लांट बनेगा, इसी से बनाएंगे नए सामान

पुराने शहर में अब सड़क, भवन जैसे निर्माण कार्यों से निकलने वाले मलबे की प्रोसेसिंग के लिए प्लांट लगेगा। इसमें रोजाना करीब नब्बे हजार किलो मलबा मशीनों के जरिए प्रोसेस किया जाएगा। इसको दूर करने के लिए स्मार्ट सिटी प्लांट लगा रहा है। पुराने शहर में चार जगहों पर मलबे के लिए कलेक्शन प्वाइंट बनाए जाएंगे, जहां से प्लांट तक मलबा जाएगा। सोनडोंगरी में चार एकड़ में प्लांट लगाया जाएगा। स्मार्ट सिटी के इस प्रोजेक्ट की लागत करीब 6 करोड़ रुपए है। इसमें न केवल सरकारी बल्कि आमलोग भी निर्माण सामग्री का वेस्ट मटेरियल प्रोसेसिंग के लिए दे सकते हैं।
दरअसल, बड़े शहरों में निर्माण सामग्री का मलबे का निपटान हमेशा से एक चुनौती रहा है। अक्सर निर्माण के दौरान मलबा सड़कों पर गलियों में यहां तक कि सार्वजनिक जगहों पर भी बेतरतीब ढंग से गिरा दिया जाता है। इससे सड़कों पर धूल, गंदगी के साथ शहरी आबोहवा पर भी बुरा असर पड़ता है।
कई बार अव्यवस्थित तरीके से सड़कों पर पड़े मलबे के कारण हादसे तक हो जाते हैं। इस खामी को दूर करने के लिए स्वच्छता मिशन के तहत स्मार्ट शहरों को कंस्ट्रक्शन के दौरान निकलने वाले इस तरह के अपशिष्ट के निदान के लिए कार्ययोजनाएं बनाने के लिए कहा गया है। ताकि शहर में निर्माण सामग्री की वजह से आमलोगों को दिक्कत का सामना न करना पड़े।
प्रोसेस से बनेगी निर्माण सामग्री : सीमेंट, रेत, मिट्टी, लोहे और निर्माण की अन्य सामग्रियों के मलबे को प्रोसेस कर शहर में निर्माण के लिए उपयोगी सामग्रियां प्लांट में बनाई जाएगी। इसमें पेवर ब्लॉक भी बनाया जाएगा, इसको फुटपाथ, पार्क और सार्वजनिक जगहों पर लगाया जाएगा। इसके अलावा शहर में सौंदर्यीकरण के लिए कलात्मक सामग्रियों का निर्माण भी किया जाएगा।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3h1f39y
via

Comments