भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय की नई टीम पर अब सबकी निगाह है। कार्यकर्ताओं की मांग है कि टीम में नए चेहरों काे मौका दिया जाए, जिससे निचले स्तर तक ज्यादा से ज्यादा नए लोग शामिल हो सकें। अब साय पर कम से कम समय में प्रदेश की कार्यसमिति और 11 जिला अध्यक्ष तय करने का दबाव रहेगा, क्योंकि नई टीम बनने के बाद ही कार्यकर्ताओं में अब आंदोलन या अन्य कार्यक्रमों में उत्साह दिखेगा।
15 माह के कार्यकाल में विक्रम उसेंडी अपनी नई टीम नहीं बना सके। हालांकि संगठन चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने पर उनकी मौजूदगी में ही 18 जिलों के अध्यक्ष तय किए गए। इसके अलावा संगठन के सभी 29 जिलों के अंतर्गत अधिकांश मंडलों में अध्यक्ष की नियुक्ति भी की गई है। इसके बाद से चुनाव व अलग-अलग कारणों से संगठन में नियुक्ति 6 महीने से ज्यादा से समय से रुकी हुई थी। अब प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति के बाद निचले स्तर पर भी तेजी से नियुक्ति पर जोर दिया जा रहा है। हालांकि संगठन के नेताओं का कहना है कि नए प्रदेश अध्यक्ष पहले सभी संभागों का दौरा करेंगे। उसके बाद ही नियुक्ति की जाएगी।
उसेंडी ने कहा- नई कार्यकारिणी के साथ जुटे रहेंगे: उसेंडी ने पीएम नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष जगतप्रकाश नड्डा, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, सह संगठन महामंत्री सौदान सिंह सहित राज्य के सभी नेताओं के प्रति कृतज्ञता दिखाई है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के बाद जो निराशा थी, उसे पार्टी के बड़े नेताओं से लेकर बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर लोकसभा चुनाव में मिलकर अभूतपूर्व प्रदर्शन किया। वे नए प्रदेश अध्यक्ष व नई कार्यकारिणी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर पार्टी के विस्तार कार्य में जुटे रहेंगे।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/372okJF
via
Comments
Post a Comment