ग्राम सरंगपाल में 16 लाख रुपए की लागत से बने गोठान को आदर्श गोठान का दर्जा मिला है, लेकिन यहां सुविधाओं के अभाव में मवेशी मालिक अपने मवेशियों को नहीं भेज रहे हैं। गोठान में मवेशियों की देखभाल के लिए चरवाहा तथा गोठान की देखरेख के लिए चौकीदार तक नहीं है। ग्राम सरंगपाल में बने आदर्श गोठान का शुभारंभ फरवरी 2019 में हुआथा। गांव में 5 एकड़ में निर्मित गोठान में 250 मवेशियों को रखने क्षमता है लेकिन यहां गांव के लोग मवेशी नहीं ला रहे हैं। गांव के गोठान में मवेशियों के देखभाल के लिए कोई चरवाहा तक नहीं है। गोठान में चौकीदार पदस्थ था, जिसकी चार माह पहले मौत हो गई थी। इसके बाद चौकीदार की नियुक्ति नहीं हो पाई है।
गोठान में मवेशी नहीं पहुंचने से गांव में ही ईधर-ऊधर घूमते रहते हैं। मवेशियों के सड़कों पर घूमने से यातायात प्रभावित होता है। खेतों में पहुंच फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। गांव के रामस्वरूप देवांगन, अमरसिंह यादव, गणेश यादव, बिसाहूराम कोड़ोपी ने कहा गांव के इतने बड़े जमीन पर गोठान तो बना दिया गया है लेकिन मवेशियों को भेजने यहां ग्रामीण रूचि नहीं ले रहे है।
पंचायत को पूरा पैसा नहीं मिल पाया : गोठान निर्माण में 16 लाख खर्च हुआ है,लेकिन सिर्फ 2 लाख रुपए ही मिल पाया है। पूर्व सरपंच चंद्रिका मातलाम ने कहा भुगतान को लेकर विधायक, कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ को गत वर्ष नवंबर माह में ज्ञापन भी सौंपा।
चौकीदार नियुक्ति की प्रकिया जल्द होगी
सरपंच खोमन देवांगन ने कहा गांव के मवेशी मालिक ही पशुओं को गोठान लाने रूचि नहीं ले रहे हैं। कई बार मवेशी मालिकों को कहा जा चुका है। जल्द ही गोठान के लिए चौकीदार की नियुक्ति की जाएगी। पहले, जिसे रखा गया था उसकी मौत हो चुकी है। अब जो चौकीदार नियुक्त होगा उस पर ही गोठान तक मवेशी लाने तथा देखभाल की जिमेदारी होगी।
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