द्रोणिका और बंगाल की खाड़ी पर बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण बुधवार को दिनभर बादल छाए रहे, वहीं बीच-बीच में धूप भी निकलती रही। इस दौरान उमस का प्रतिशत भी 98 तक पहुंच गई। उमस भरे मौसम के बीच दोपहर को अचानक बादल बरस पड़े। दोपहर बाद तकरीबन आधे घंटे से ज्यादा समय तक हुई झमाझम बारिश से गर्मी से राहत तो मिली, लेकिन जैसे ही बारिश बंद हुई, फिर उमस बढ़ने से लोग खासे परेशान हो गए। मौसम विभाग ने बने दोहरे सिस्टम के चलते दक्षिण छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की चेतावनी दी है। इधर दोपहर बाद हुई बारिश करीब 2 एमएम बताई जा रही है।
कई जगहों पर आज हो सकती है मध्यम बारिश
मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा ने बताया कि उत्तर पाकिस्तान से उत्तर राजस्थान, उत्तर मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा होते हुए पश्चिमी, मध्य और पूर्वी मध्य बंगाल की खाड़ी तक 0.9 किमी की ऊंचाई पर एक द्रोणिका बनी हुई है। वहीं पूर्व, मध्य और पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव के क्षेत्र के साथ ही ऊपरी हवा का चक्रवाती घेरा मध्य ट्रोपोस्फेरिक लेवल तक बना हुआ है। चक्रवाती घेरा दक्षिण पश्चिम दिशा की तरफ झुका हुआ है। इस कारण गुरूवार को कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश या गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है।
48 घंटों में महाराष्ट्र और कर्नाटक पहुंचेगा मानसून
मौसम वैज्ञानिक चंद्रा ने बताया कि दक्षिण पश्चिम मानसून अभी तक तमिलनाडु के कुछ भाग और उत्तर बंगाल के मिजोरम के अधिकांश भागों के अलावा मणिपुर, त्रिपुरा, असम के कुछ हिस्सों से नागालैंड तक पहुंच चुका है। इसकी उत्तरी सीमा करवा शिमोगा, तुम्मुकोरी, चित्तूर, पुणेरी, अगरतला, कोहिमा तक पहुंच गई है। ऐसे में अगले 48 घंटों में दक्षिण पूर्व मानसून महाराष्ट्र, कर्नाटक के कुछ और भागों, रायलसीमा, तेलंगाना के कुछ भाग, तटीय आंध्रप्रदेश, मध्य और उत्तर बंगाल की खाड़ी के कुछ और भागों और उत्तर पूर्व के राज्यों के कुछ भागों तक पहुंचने की संभावना है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2YrqA9q
via
Comments
Post a Comment