शनिवार रात को कर्नाटक से आए मजदूरों में क्वारेंटाइन सेंटर में शराब के नशे में मोबाइल को लेकर आपस में मारपीट हाे गई। एक युवक को घायल हालत में बालोद जिला अस्पताल रेफर किया गया।
कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए ग्राम पंचायत चिखली के आश्रित ग्राम गोटुलमुंडा के प्राथमिक शाला भवन के क्वारेंटाइन सेंटर में गोटुलमुंडा निवासी 5 मजदूर नरेश निषाद, गणेश पटेल, बंसत रावटे, रविन्द्र मंडावी और बाबूलाल काे रखा गया है। सभी 6 माह पूर्व बोर गाड़ी में काम करने कर्नाटक गए थे।
शनिवार को 3 बजे गोटुलमुंडा गांव पहुंचे थे। शाम को मजदूरों ने क्वारेंटाइन सेंटर में शराब पी। रात में मजदूर नरेश निषाद का मोबाइल गुम हो गया। इसी बात काे लेकर मजदूरों के बीच बहस हाे गई। इसी बात काे लेकर अन्य मजदूरों ने नरेश की पिटाई कर दी। जिससे नरेश के चेहरे व अन्य जगह चोटें आई। इसी बीच घायल युवक क्वारेंटाइन सेंटर से भागकर अपने घर के बाड़ी में जा कर सो गया। गांव के उपसरपंच अनिल मिश्रा ने रात में पुलिस व स्वास्थ्य विभाग को जानकारी दी। रात में ही बालोद कोविड अस्पताल से एम्बुलेंस पहुंची अाैर घायल मजदूर को कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के बाद प्रशासन हरकत में आया और रविवार को अन्य चारों मजदूरों को अपनी निगरानी में रखते हुए डौंडी के हाउसिंग बोर्ड क्वारेंटाइन सेंटर में शिफ्ट किया गया।
जांच के लिए आदेश दिए: अपर कलेक्टर एके वाजपेयी ने बताया कि घटना की जांच के लिए तहसीलदार को आदेशित किया गया। वहीं एसडीएम के हेड क्वार्टर के बारे में जानकारी नहीं है। एसडीएम द्वारा जनप्रतिनिधियों का फोन रिसीव नहीं करना गलत है, समझाइश दी जाएगी।
क्वारेंटाइन सेंटर पर 24 घंटे निगरानी नहीं
भास्कर की टीम इस संबंध में जानकारी लेने पहुंची ताे पता चला कि क्वारेंटाइन सेंटर में मारपीट जैसी बड़ी घटना होने के बाद भी एसडीएम ने इस मामलेे से दूरी बनाए रखी। एसडीएम ऋषिकेश तिवारी की पोस्टिंग दल्लीराजहरा होने के बाद भी अपने हेड क्वार्टर में न रह कर बालोद से आना-जाना करते हैं। इधर क्वारेंटाइन सेंटर में मारपीट की घटना हाे रही है।
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