2-3 जून की दरमियानी रात 7 साल की बच्ची से दुष्कर्म के मामले में आरोपी को पकड़ने में आखिरकार पुलिस ने सफलता पाई है। जीपीएस टेक्नालॉजी की ट्रैकिंग व विश्लेषण की मदद से पुलिस ने इस ब्लाइंड केस में आरोपी को पकड़ा है। यह केस ब्लाइंड इसलिए था, क्योंकि घटना का कोई चश्मदीद नहीं था। ऐसे में टेक्नालॉजी की मदद से पुलिस इस केस को सुलझाने में सफल रही। पुलिस ने झारखंड निवासी आरोपी को गिरफ्त में लेकर जेल भेज दिया है।
एसपी ऑफिस में ब्लाइंड केस का खुलासा करते हुए एसपी दिव्यांग पटेल ने बताया कि जीपीएस डेटा एनालिसिस के माध्यम से आरोपी तक पहुंचने में पुलिस को बड़ी सफलता मिली।
रविवार को आरोपी युवक को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां न्यायिक अभिरक्षा में उसे जेल भेज दिया गया। एसपी ने बताया कि जल्द ही पुलिस न्यायालय में आरोपी के खिलाफ अभियोग
पत्र दाखिल कर देगी। फास्ट ट्रैक न्यायालय में फैसला हो, इसके लिए भी पुलिस कोशिश करेगी।
इस दौरान एसडीओपी बेमेतरा राजीव शर्मा, टीआई राजेश मिश्रा, नवागढ़ टीआई व पुलिस के उच्च अधिकारी समेत टीम के प्रधान आरक्षक, आरक्षक व महिला सेल के प्रभारी नीता राजपूत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
अकेले ही जबलपुर से आ रहा था ट्रक चालक
आरोपी ट्रक चालक घटना वाली रात ट्रक पर अकेले ही था। ट्रक चालक सूरज प्रजापति (35), निवासी 321 एज कांप्लेक्स विधानसभा रोड सड्डू थाना पंडरी जिला रायपुर, स्थाई पता ग्राम बघवार थाना भंडरिया जिला गढ़वा झारखंड को पकड़ा गया है। 20 जून को पीड़िता से उपरोक्त आरोपी की व ट्रक की पहचान करवाई गई। प्रकरण में एससी-एसटी एक्ट की धाराएं जोड़ी गईं हैं। उल्लेखनीय है कि मामले की जांच को लेकर लगातार पुलिस ने सक्रियता बनाए रखी, अाखिरकार सफलता मिली।
इंदौरी-बिरकोना-कन्हेरा में भी रुका, नीयत गंदी थी
ट्रक चालक घटना वाली रात कवर्धा से बेमेतरा मार्ग पर बिरकोना, इंदौरी व कन्हेरा में भी रुका था। इस दौरान भी इसकी नीयत साफ नहीं थी। वह जबलपुर से ट्रक लेकर रायपुर के लिए निकला था। घटना की रात आरोपी ने मोबाइल बंद कर दिया और घटना को अंजाम देकर रायपुर चला गया। कुछ दिन यह आसपास ही रहा और 4 दिन पहले ही इसी रुट से वापस जबलपुर निकल गया। पुलिस ने जीपीएस ट्रैकिंग के जरिए इसे जबलपुर में ढूंढ निकाला।
जीपीएस से ही पता चला, आरोपी ने घटनास्थल पर 10 मिनट के लिए रोकी थी ट्रक
आरोपी जबलपुर से ट्रक लेकर रायपुर के लिए निकला था। 2 व 3 जून की दरमियानी रात आरोपी ट्रक लेकर कबीरधाम जिला पारकर बेमेतरा जिले में दाखिल हुआ। बच्ची के गांव पहुंचने के बाद उसने देखा कि वह बाहर सो रही है, ऐसे में आरोपी उसे उठाकर ले गया। आगे रायपुर रोड के एक गांव में दुष्कर्म करने के बाद छोड़ कर वह भाग गया। इस घटना का कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं था, इसलिए इसे सुलझाना आसान नहीं था। हमने तत्काल 5 टीम बनाई। सभी को अलग-अलग काम दिया। कोई टावर डंप का विश्लेषण कर रहा था, तो कोई जीपीएस की ट्रैकिंग कर रहा था। वीडियो फुटेज एनालिसिस व फील्ड इनवेस्टीगेशन भी जारी था। करीब 50 हजार मोबाइल नंबरों का विश्लेषण किया।
लेकिन आरोपी ने घटना के दौरान मोबाइल का उपयोग नहीं किया। इसके कारण उसके पहचान में देरी होने लगी। इधर, सीसीटीवी कैमरे से भी फुटेज का विश्लेषण जारी रहा। अब जीपीएस तकनीक का विश्लेषण कर रही टीम को कुछ डेटा मिले, जिससे पड़ताल की दिशा इस ओर हो गई। प्रदेश में पहली बार इस तरह जीपीएस डेटा एनालिसिस का काम बेमेतरा पुलिस ने किया। पिछले 18 दिन में कवर्धा-बेमेतरा-सिमगा रुट से गुजरी 12000 गाड़ियों का एनालिसिस किया गया। घटना की रात भी लगभग 500 से 600 ट्रक यहां से गुजरे, उन पर ध्यान केन्द्रित करके जांच की दिशा आगे बढ़ी। जीपीएस एनालिसिस टीम को पता चला कि घटना वाली रात एक ट्रक क्रमांक सीजी 4 एमएल 8356 घटना स्थल के सामने करीब 10 मिनट के लिए रुकी है।
इसके बाद यह बेमेतरा की ओर रवाना हुई। इस ट्रक के जीपीएस डाटा का पूरा विश्लेषण किया। पुलिस ने पाया कि घटना के बाद यह ट्रक घटनास्थल के आगे बेमेतरा सिमगा के बीच काफी देर तक रुकी रही। यह वापस चली गई थी, 20 जून को जबलपुर से वापस आने पर उक्त ट्रक को हमने पकड़ा और आरोपी ट्रक चालक सूरज प्रजापति पिता रामनाथ प्रजापति उम्र 35 साल जाति कुम्हार को गिरफ्त में ले लिया। (पुलिस कैसे आरोपी तक पहुंची... जानिए, एसपी दिव्यांग पटेल की जुबानी)
जानिए, क्या है जीपीएस
जीपीएस यानी ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम एक सैटेलाइट आधारित नेविगेशन प्रणाली है। इसका प्रयोग किसी भी चीज की लोकेशन का पता लगाने के लिए किया जाता है। यह कम से कम 24 सैटेलाइट से बना है। जीपीएस तकनीक सबसे ज्यादा मोबाइल, हवाई जहाज, रेल, बस, गाड़ियों व ट्रांसपोर्ट में लगी गाड़ियों में होता है। यह 24 घंटे काम करता है।
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