दोरनापाल-पोड़िया सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रहे तीन धार्मिक स्थलों को जेसीबी से हटाए जाने के विरोध में रविवार को सुकमा से लेकर कोंटा तक दुकानें बंद रहीं। घटना से आक्रोशित संगठन के लोग रविवार सुबह बड़ी संख्या में दोरनापाल पहुंचे और प्रदर्शन करते हुए प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। लोगों को समझाइश देने पहुंचे तहसीलदार महेंद्र लहरे व नपं सीएमओ पी. कृष्णा राव आक्रोशित भीड़ को देखकर लौट गए।
एएसपी सिद्धार्थ तिवारी मौके पर पहुंचे और लोगों को शांत कराया। भाजपा जिलाध्यक्ष हुंगाराम मरकाम की अगुवाई में लोग दोरनापाल थाने पहुंचे और टीआई को लिखित शिकायत कर तहसीलदार, नपं सीएमओ व ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर करने की मांग की। एसडीओपी अखिलेश कौशिक ने जांच के बाद केस दर्ज करने की बात कही। इससे नाराजग होकर लोग शिकायत पत्र सौंपकर घटनास्थल पहुंचे और कुछ दूरी पर टेंट लगाकर धरने पर बैठ गए। कलेक्टर चंदन कुमार ने कहा सड़क चौड़ीकरण के लिए लोगों को विश्वास व उनसे सहमति लेकर ही धार्मिक स्थलों को हटाया गया है। लोगों की आस्था का पूरा ख्याल रखकर विकास के कार्य आगे भी जारी रहेंगे।
केस दर्ज नहीं होने तक विरोध जारी रखेंगे: भाजपा
भाजपा जिलाध्यक्ष हुंगाराम मरकाम ने कहा कि तहसीलदार ने दबाव में धार्मिक स्थल तोड़ने की बात कही। अफसर ने किसके कहने पर तोड़फोड़ के लिए जेसीबी चलवाया उसका नाम का खुलासा करना होगा। सड़क चौड़ीकरण के लिए धार्मिक स्थलों को मनमानी तरीके से तोड़ना गलत है। जिम्मेदार अफसरों में जब तक एफआईआर दर्ज नहीं होगा विरोध जारी रहेगा।
उसी जगह पर बनाएंगे धार्मिक स्थल: लखमा
इधर विवाद बढ़ने के बाद मंत्री कवासी लखमा ने प्रशासनिक कार्रवाई पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि उन्होंने लोगों की आस्था को देखते हुए कलेक्टर चंदन कुमार को धार्मिक स्थल नहीं तोड़ने के निर्देश दिए हैं। लखमा ने कहा कि आस्था के साथ खिलावाड़ नहीं होने दिया जाएगा। दोबारा उसी स्थान पर बेहतर तरीके से पुनर्निर्माण किया जाएगा
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