शहर में वर्ष 2016 मेंं आयुष पॉली क्लीनिक का शुभारंभ किया गया था। चार सालों बाद भी स्थिति ये है कि यहां केवल ओपीडी चल रहा है। 10 बेड का अस्पताल भी शुरू होना था लेकिन बिल्डिंग तथा स्टॉफ की समस्या के चलते अब तक यह सुविधा शुरू नहीं हो पाई। अब तक क्लीनिक के लिए जमीन का आबंटन नहीं हो पाया है। पहले क्लीनिक एक निजी मकान में किराए पर चलती थी बाद में पुराने खराब भवन में संचालित हो रही है।
शहर में आयुष पॉली क्लीनिक का संचालन वर्तमान में जनपद कार्यालय के पास एक पुराने सरकारी भवन में हो रहा है जहां पहले न्यायालय फिर पॉलिटेक्निक कॉलेज लगता था। भवन बेहद पुराना है तथा अस्पताल संचालन के हिसाब से नहीं बना है। क्लीनिक के बाथरूम की स्थिति खराब हो चुकी है। अस्पताल भवन बनाने ना तो शासन से जमीन मिल पाई और ना ही बजट मिल पाया है। आयुष पाली क्लीनिक में आयुर्वेद, हौम्योपैथी और यूनानी चिकित्सक पद स्वीकृत है। यहां सिर्फ हौम्योपैथी, यूनानी चिकित्सक कार्यरत हैं जबकि आयुर्वेद चिकित्सक का पद रिक्त पड़ा है। कांकेर जिला आयुर्वेद अधिकारी डा एसी किरण तिग्गा ने कहा कि आयुष पॉली क्लीनिक में चिकित्सा स्टाफ की कमी है। स्टॉफ की कमी की वजह से आईपीडी शुरू नहीं हो पाया है।
बाउंड्रीवाल क्षतिग्रस्त नहीं लगा पा रहे पौधे
क्लिनिक जहां संचालित है उसकी बाऊंड्रीवाल क्षतिग्रस्त है। अस्पताल प्रबंधन यहां उद्यान वाटिका बनाकर औषधि युक्त फूलदार फलदार पौधे लगाना चाहता है लेकिन बाऊंड्रीवाल क्षतिग्रस्त होने से संभव नहीं हो पा रहा है। गत वर्ष 50 पौधे लगाए गए थे लेकिन सभी नष्ट हो गए।
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