Skip to main content

सीएम ने केंद्र से की मांग, सीएसपीडीसीएल को स्वतंत्र विद्युत उत्पादक का दर्जा दें

राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी (सीएसपीडीसीएल) को स्वतंत्र कंपनी का दर्जा देने केंद्र से मांग की है। इसे साल 2000 में पृथक मंडल के गठन के बाद सरकार का बड़ा कदम माना जा रहा है। साथ ही इसे कंपनी को वित्तीय संकट से उबारने के लिए जरुरी बताया है। ऐसा किए जाने से राज्य वितरण कंपनी तेलंगाना पर बकाए अपने 2 हजार करोड़ रुपए की वसूली कर सकेगी। यह रकम बीते 3-4 सालों से अनपेड है। सीएम भूपेश बघेल ने केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री आर.के. सिंह को पत्र लिखकर इस बकाए के भुगतान के लिए सीएसपीडीसीएल को स्वतंत्र विद्युत उत्पादक (आईपीपी) मान्य करने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि केंद्र के आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत राज्यों के पॉवर सेक्टर को शामिल करते हुए स्पेशल लॉन्ग टर्म ट्रांजेक्शन लोन स्कीम भी जारी की गई है।

जिसके तहत केन्द्रीय विद्युत उत्पादन एवं पारेषण उपक्रम सहित स्वतंत्र विद्युत उत्पादक एवं नवीकरणीय ऊर्जा स्त्रोत के पूर्व के बकाया राशि के भुगतान के लिए वितरण कम्पनियों को ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। यह कर्ज आरईसी लिमिटेड एवं पीएफसी लिमिटेड के माध्यम से दिया जाना है। जिससे कि तेलंगाना राज्य की पॉवर कम्पनियों को छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के बकाया विद्युत देयकों के भुगतान हेतु लोन की पात्रता नहीं रहेगी, क्योंकि सीएसपीडीसीएल उक्त परिभाषा की श्रेणी में शामिल नही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसलिए छत्तीसगढ़ डिस्ट्रीब्यूशन कम्पनी लिमिटेड की वित्तीय स्थिति के मद्देनजर इसे स्वतंत्र विद्युत उत्पादक मान्य किया जाए। इसी तरह से तेलंगाना पॉवर कम्पनियों के द्वारा आरईसी लिमिटेड को प्रस्तुत ऋण आवेदन पर विचार कर छत्तीसगढ़ का बकाए पेमेंट कराए जाए। मुख्यमंत्री कहना है कि तेलंगाना को, 1000 मेगावॉट क्षमता मड़वा प्लांट से सितंबर-15 से बिजली दी जा रही है। उन्होंने, आरके सिंह को यह बताया है कि सीएसपीडीसीएल का 31 मार्च 2020 की स्थिति में 2 हजार करोड़ रूपये से अधिक का विद्युत देयक तेलंगाना राज्य की पॉवर कम्पनी पर बकाया है, जिसके कारण सीएसपीडीसीएल वित्तीय तनाव से गुजर रही है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
CM demands from Center, give CSPDCL the status of independent power producer


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/37qjAxJ
via

Comments