मानसून की दस्तक के बाद पहली बार झमाझम बारिश हुई। शनिवार रात 8 से रविवार सुबह 5 बजे तक सबसे ज्यादा बालोद ब्लॉक में 65.3 मिमी, गुंडरदेही में 64.1 मिमी, गुरुर में 45.8 मिमी, डौंडीलोहारा में 24.4 मिमी, डौंडी में 12.9 मिमी बारिश हुई। ओवरऑल जिलेभर में 9 घंटे में 42.5 मिमी औसत बारिश हुई। इसी के साथ एक से 21 जून तक कुल 91.4 मिमी बारिश हो चुकी है। जून का कोटा भी पूरा हो गया। 10 वर्ष के आधार पर जिले में जून में औसत 76.3 मिमी बारिश होती है। इस बार 25.7 प्रतिशत ज्यादा बारिश हो चुकी है। अभी भी जून के 8 दिन बचे हैं। मौसम विभाग ने जून अंत तक मौसम में उतार-चढ़ाव के साथ बारिश होने का अनुमान लगाया है।
बारिश के बाद नमी की मात्रा 75 फीसदी, पारा 29 डिग्री पर: बारिश थमने के बाद नमी की मात्रा 75 फीसदी रही। जो पिछले 72 घंटे से 60 फीसदी के आसपास रही। इसके असर से बादल छाए रहे और मौसम में उतार-चढ़ाव होता रहा। 21 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से ठंडी हवाएं चली। अधिकतम तापमान 29 डिग्री रहा।
नाली व सड़कों में गंदा पानी जाम, बढ़ी परेशानी
बारिश थमने के बाद बालोद शहर के जवाहरपारा, घड़ी चौक, आमापारा, सहित कई वार्डों में पानी जाम की स्थिति रही। सड़कों में गंदा पानी बह रहा था। नालियों की नियमित सफाई नहीं होने से ऐसी स्थिति बनी। लोग परेशान हुए।
डौंडी व डौंडीलोहारा में औसत से कम बारिश दर्ज की गई
जून के 21 दिन गुजर चुके हैं। इस दौरान डौंडी व डौंडीलोहारा ब्लॉक में औसत से कम बारिश हुई है। बाकी तीन ब्लॉक में ज्यादा बारिश के चलते जून का कोटा पूरा हो पाया है। गुरूर ब्लॉक में औसत से दोगुना बारिश हो चुकी है। इसके अलावा गुंडरदेही ब्लॉक में 119 मिमी से ज्यादा बारिश हो चुकी है।
गुरूर में सबसे ज्यादा 119 मिमी बारिश हो चुकी
1. 2019 में 22 जून को मानसून की दस्तक होते ही 24 घंटे में 8.7 मिमी बारिश हुई। ओवरऑल तब 87.8 मिमी औसत बारिश हो चुकी थी।
2. प्रदेशभर में सूखा ब्लॉक में चिह्नांकित गुरूर में सबसे ज्यादा 119 मिमी बारिश हो चुकी है।
3. बालोद से ज्यादा सूरजपुर में 54.8 मिमी, कोंडागांव में 52.4 मिमी औसत बारिश हुई।
4. पिछले साल की तुलना में इस बार 9 दिन पहले ही 12 जून को मानसून ने दस्तक दी है। सक्रिय होने में 3 दिन लगा। इसके बाद से अच्छी बारिश हो रही है।
इन प्रमुख तीन कारण से बारिश
1. द्रोणिका: मध्य पाकिस्तान से पूर्व मध्य बंगाल की खाड़ी तक दक्षिण पंजाब, हरियाणा, दक्षिण उत्तर प्रदेश, झारखंड, उत्तर तटीय उड़ीसा और उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी होते 0.9 किलोमीटर ऊंचाई पर स्थित है।
2. चक्रीय चक्रवाती घेरा: एक चक्रवात दक्षिण पूर्व उत्तर प्रदेश और उसके आसपास 1.5 किलोमीटर ऊंचाई पर स्थित है। दूसरा चक्रवात उत्तर उड़ीसा और उसके आसपास 2.1 किमी और 5.8 किमी ऊंचाई तक स्थित है।
3. बंगाल की खाड़ी से नमी: खाड़ी से नमीयुक्त हवा आ रही है। साथ ही यहां मौसम में बदलाव के लिए सिस्टम सक्रिय हो रहा है।
आज व कल बारिश, फिर मौसम खुलने के आसार
आज व कल बारिश के आसार है। जिसके बाद मौसम खुलने के आसार है। इस दौरान बादल छाए रहेंगे। मौसम वैज्ञानिक हरि प्रसाद चंद्रा ने बताया कि मानसून के साथ अभी कई सिस्टम सक्रिय है। जिसके चलते तापमान में गिरावट के साथ सोमवार व मंगलवार को बारिश होने का अनुमान है।
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