दिल्ली में बने देश के पहले पुलिस म्यूजियम में बस्तर के ताड़मेटला कांड को स्थान दिया गया है। यहां एक पूरी दीवार ताड़मेटला कांड में शहीद हुए 76 जवानों के नाम समर्पित कर दी गई है। दीवार में सभी शहीदों के नाम लिखे गए हैं और घटना का पूरा विवरण भी लिखा गया है। इसके अलावा यहां एक राष्ट्रीय पुलिस स्मारक बनाया गया है, जिसके लिए पत्थर खम्मम जिले से ले जाया गया है।
2010 में 6 अप्रैल को नक्सलियों ने ताड़मेटला में 76 जवानों को शहीद कर दिया था। बस्तर में यह पहली ऐसी घटना थी, जिसमें इतनी बड़ी संख्या में जवान मारे गए थे। पुलिस म्यूजियम में छत्तीसगढ़ की इस एक अकेली घटना को स्थान दिया गया है।
ताड़मेटला कांड की जानकारी इस म्यूजियम में होने से अब बस्तर के नक्सलवाद का दंश देश ही नहीं पूरी दुनिया के सामने आ रहा है। देश का पहला राष्ट्रीय पुलिस संग्रहालय एक सालपहले ही दिल्ली के लुटियन जोन में बनाया गया है। राजधानी के चाणक्यपुरी इलाके में राष्ट्रीय पुलिस स्मारक परिसर में भूमिगत संग्रहालय भी बनाया गया है। इस संग्रहालय के जरिए लोगों को केंद्रीय और राज्य पुलिसबलों का इतिहास जानने का मौका मिल रहा है। इसके साथ ही उनसे जुड़ी कलाकृति, वर्दी तथा अन्य सामग्री प्रदर्शित की जा रही है। इसका उद्घाटन 21 अक्टूबर को (पुलिस स्मृति दिवस) पर किया गया है।
यहां कई ऐतिहासिक दस्तावेज, हथियार भी सहेजे गए
कुछ राज्य पुलिस बलों और अर्द्धसैनिक बलों के अपने छोटे संग्रहालय हैं, लेकिन यह पहली बार है जब देश में पुलिसकर्मियों के लिए राष्ट्रीय स्तर की स्थायी दीर्घा बनाई गई है। पुलिस विषय पर शोधकर्ताओं को जानकारी के लिए भी इससे मदद मिल रही है। बताया जा रहा है कि यहां केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल, केंद्रीय पुलिस संगठन और राज्य पुलिस बलों द्वारा अपने ऐतिहासिक दस्तावेज, सामग्री, पुलिस संबंधी गजट अधिसूचना, अनूठे हथियार और वर्दी को संग्रहालय में प्रदर्शित किया जा रहा है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2BZWUJ9
via
Comments
Post a Comment