शहर में सड़क चौड़ीकरण और तालाब सौंदर्यीकरण के नाम पर साढ़े 4 साल पहले तोड़ी गई 70 से ज्यादा दुकानों के व्यापारियों को राहत देने की पहल शुरू हो गई है। प्रभावित व्यापारियों को नई जगह दुकानें बनाकर आवंटित करने का पहला प्रस्ताव नगरीय प्रशासन विभाग को जिला प्रशासन भेजेगा। इसके लिए रणनीति बन रही है। बताया जा रहा है जगह चिह्नांकन से लेकर सारी प्रक्रियाएं अब जल्द ही शुरू की जा सकती हैं। यदि ऐसा हुआ तो प्रभावित व्यापारियों को सबसे बड़ी राहत मिलेगी।
दरअसल, विधायक देवती कर्मा ने कलेक्टर दीपक सोनी को इसकी जानकारी देकर व्यापारियों के विस्थापन के लिए पहल की थी। इसके बाद कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेकर रुचि दिखाई है। कलेक्टर दीपक सोनी ने भास्कर को बताया कि गांव के साथ शहर व शहरवासियों के विकास की योजना है। शहर में टेंपल कमेटी की जो भी दुकानें तोड़ी गई थीं, उस पर व्यापारियों को किस तरह से राहत दी जा सकती है इसकी प्लानिंग चल रही है। एसडीएम व तहसीलदार को भेजकर जगह का चिन्हांकन होगा। नगर विकास का यही पहला प्रस्ताव होगा, जिसे नगरीय प्रशासन विभाग को भेजा जाएगा। शहर के लिए जो कुछ बेहतर होगा करेंगे। अब इसके बाद व्यापारियों में एक नई उम्मीद जाग गई है। साढ़े 4 साल पहले दुकानें टूटने से प्रशासन की कार्रवाई से प्रभावित हुए विनोद सिंह सहित अन्य व्यापारियों ने कहा कि प्रशासन ने इस मामले मेंरुचि दिखाई है, आज भी कई व्यापारी ऐसे हैं जिनके सामने समस्या बरकरार है। सरकार व प्रशासन से उम्मीद है कि व्यापारियों के हित में बेहतर करेंगे।
2016 में हुई कार्रवाई से कई के सामने रोजी का संकट
दंतेवाड़ा में साल 2016 को सड़क चौड़ीकरण व तालाब सौंदर्यीकरण के नाम पर प्रशासन ने टेम्पल कमेटी की जगह पर बनी 72 दुकानों को तोड़ने की कार्रवाई की थी। इसके बाद कई व्यापारियों के सामने रोजी रोटी की समस्या आ गई। इनके व्यवस्थापन के भी इंतज़ाम नहीं हुए थे, ऐसे में अब भी कई व्यापारी परेशान हैं। यहां न केवल दुकानें बल्कि मकानों को भी तोड़ने की सबसे बड़ी कार्रवाई हुई थी। दुकानें बचाने विधायक देवती कर्मा व्यापारियों के समर्थन में सड़क पर उतरी थीं।
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