बारिश के कारण जिले के अधिकांश जलाशय और बांधों में 70 फीसदी से अधिक पानी भरा हुआ है। जबकि पिछले दो सालों में यह स्तर 50 प्रतिशत से भी कम रहा है। अधिकांश बांध 30 से 40 साल ही पुराने हैं और पहली बार ऐसी स्थिति बनी है कि गर्मियों में भी बांध में इतना अधिक पानी भरा है। इस कारण बारिश के मौसम में जिले के 25 प्रतिशत खेतों में जलभराव की स्थिति और 50 से अधिक गांवों में बाढ़ जैसी स्थिति होगी।
मालूम हो कि लगातार बारिश होने से जिले और आसपास के बांधों का जलस्तर क्षमता से 20 या 30 प्रतिशत तक ही कम हुआ है। इस कारण बारिश के शुरुआती दौर में ही सभी बांध फुल होने की संभावना है। ऐसे में जिले के हर ब्लॉक के 7 से 8 गांव पूरी तरह पहुंच विहीन हो जाएंगे। वहीं बांध से लगे डूबान क्षेत्र या नहरों के किनारे के 30 गांव में अभी से अलर्ट जारी कर दिया गया है। वहीं जिले में 25 प्रतिशत बहरा (गहराई वाले खेत) खेतों में जलभराव की स्थिति बन जाएगी। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले में मात्र 100 से 200 मिमी बारिश होने पर ही सभी बांध फुल हो जाएंगे और गेट खोलने पड़ेंगे।
30 गांवों में किया अलर्ट
जल संसाधन संभाग एक के अभियंता एनसी सिंह ने बताया कि बाढ़ में घुनघुट्टा के ही गेट खोलने की स्थिति बनती है। इस कारण इसके डूब क्षेत्र के छह गांव, बांयी तट नहर के तीन गांव, लखनपुर क्षेत्र के 11 गांव और दांयी तट नहर के 10 गांवों में सूचना पहुंचा दी गई है। लोगों को एक जून से 30 सितंबर तक के लिए अलर्ट किया है।
3 दिन पहले आएगा मानसून
मौसम वैज्ञानिक एम भट्ट ने बताया कि जिले में मानसून आने का समय 18 जून है और रायपुर में 15 जून को मानसून पहुंचता है। जबकि रायपुर में तीन दिन पहले ही 12 जून को मानसून पहुंच चुका है। ऐसे में संभावना है कि जिले में भी दो से तीन दिन पहले मानसून पहुंचेगा। वहीं अभी प्री मानसून के दौरान भी अच्छी बारिश होने की संभावना है।
जिले में औसत बारिश की संभावनाएं: मौसम विभाग के अनुसार जिले में औसत बारिश 12 सौ मिमी होती है। इस साल भी सामान्य बारिश होने का अनुमान लगाया जा रहा है। प्री मानसून के दौरान जून महीने में जिले में अब तक 22 मिमी बारिश हो चुकी है। जनवरी से मई तक रिकॉर्ड बारिश होने के कारण सभी जलाशय और बांधों में पानी भरा हुआ है। ऐसे में जून के अंत तक या जुलाई के पहले महीने में ही इन जलाशयों में क्षमता के हिसाब से पानी भर जाएगा।
इन गांवों में बन सकती है बाढ़ की स्थिति
घुनघुट्टा बांध के डूब क्षेत्र में सोहगा, लिबरा, दरिमा, कलगसा, रेवापुर, सोनबरसा गांव हैं। बांयी तट नहर पर कोटेया, छिंदकालो, भालूकछार हैं। वहीं लखनपुर क्षेत्र के मुकुंदपुर, जयपुर, अमलभिट्टी, सलका, पुहपुटरा, सिरकोतंगा, पर्री, कटकोना, पीपरखार, परसोड़ीकला और अमेरा गांव हैं। इसके साथ ही दायीं तट नहर के पास करंजी, नवाबांध, शिवपुर, हरिहरपुर, मेंड्राकला, सोनपुर, सुखरी, पोड़ी, उदयपुरढाब और राजापुर गांव में बांध के गेट खोले जाने पर परेशानी हो सकती है।
बारिश को देखते हुए ग्रामीणों को किया अलर्ट
जल संसाधन संभाग एक के कार्यपालन अभियंता एनसी सिंह ने बताया कि बांधों में पर्याप्त पानी भरा है। इसके साथ ही आने वाले समय में बारिश की स्थिति को देखते हुए प्रभावित गांवों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। यही कारण है कि किसानों को धान की फसल का थरा लगाने के लिए अभी से पानी दिया जा रहा है जो सामान्य तौर पर जुलाई में दिया जाता था।
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