धुरनक्सलगढ़ गांव कोंडासांवली में तैनात सीआरपीएफ 231 बटालियन की दो कंपनियों ने सोमवार को इसी गांव में सिविक एक्शन कार्यक्रम का आयोजन किया। ग्रामीणों को सामान बांटकर सीआरपीएफ के अधिकारियों व जवानों की टीम रूट बदलकर लौट रही थी। तभी बीडीएस की टीम को यहां बम होने का अहसास हुआ।
जांच में पता चला कि यहां एक-दो नहीं बल्कि 28 किलो की 7 आईईडी नक्सलियों ने लगा रखी थी। 3 आईईडी सड़क पर जबकि 4 पेड़ों के पीछे थी। जवानों को नुकसान पहुंचाने नक्सलियों ने बड़ी रणनीति बना ली थी। जवानों ने कुछ लोगों को भागते हुए भी देखा व तुरंत सभी हरकत में आ गए। जवानों की सतर्कता से बड़ा हादसा होने से टल गया।
बंदूकर उठाकर खुद मौके पर निकले डीआईजी: इधर जैसे ही सीआरपीएफ डीआईजी डीएन लाल को यहां 7 आईईडी की जानकारी मिली तो उन्होंने अपना एके-47 हथियार उठाया व खुद कोंडासांवली के लिए निकल गए। यहां पूरी जगह का मुआयना किया। सिविक एक्शन कार्यक्रम के लिए जवानों के साथ कमांडेंट जितेंद्र यादव के नेतृत्व में टूआईसी राजीव कुमार, असिस्टेंट कमांडेंट शिवपाल यादव, विशाल कुमार, संदीप कुमार की टीम निकली हुई थी। डीआईजी डीएन लाल ने बताया कि इलाके में सीआरपीएफ लगातार सिविक एक्शन कार्यक्रम के जरिए ग्रामीणों का दिल जीत रही है। नक्सली बौखला गए हैं।
सड़क छोड़ नीचे चल रहे थे जवान, टला बड़ा हादसा
सोमवार को जब यहां ग्रामीणों को सामान बांटने के बाद टीम वापस कैंप जाने निकली तो मार्ग बदल लिया। गनीमत है जवान सड़क छोड़कर नीचे दूरी पर चल रहे थे। नक्सलियों ने जवानों को नुकसान पहुंचाने सड़क से लेकर पेड़ के पीछे तक बम का जाल बिछाया हुआ था, आसपास नक्सलियों की भी मौजूदगी थी। लेकिन जवानों की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया।
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