6 साल की बच्ची पॉजिटिव हुई तो उसका साथ देने 4 माह की गर्भवती मां भी अस्पताल में, 4 साल की एक और मासूम अपने संंक्रमित पिता के साथ भर्ती
संदीप राजवाड़े | राजधानी में लगभग दो माह के बाद अब मासूम बच्चों में कोरोना पॉजिटिव निकला है। इतने छोटे बच्चों को अलग कमरे में आइसोलेट करके नहीं रखा जा सकता। ऐसे बच्चों के लिए परिजन किस तरह सामने आरहे हैं, रायपुर में उसके उदाहरण सामने आने लगे हैं। जैसे, राजधानी के उत्तरी हिस्से में सोमवार को सुबह 6 साल की एक मासूम कोरोना पॉजिटिव निकल गई। वह अपनी मां के साथ भोपाल से नानी को छोड़ने ट्रेन से रायपुर आई क्योंकि नानी यहीं रहती हैं। पॉजिटिव निकलने के बाद जब बच्ची को इलाज के लिए ले जाया जाने लगा तो उसकी मां ने साफ कर दिया कि वह भी साथ में रहेगी, क्योंकि मासूम की देखरेख वही कर सकती है। डाक्टरों को पता चला कि मां 4 माह की गर्भवती है, तो इस बारे में उससे फिर बात की गई लेकिन मां अड़ी रही और बच्ची के साथ अस्पताल में भर्ती हो गई। इससे अलग एक और मामले में पिता के संक्रमित होने के बाद उसकी 4 साल की बच्ची में भी कोरोना पॉजिटिव निकल आया है। उसे भी पिता के साथ माना अस्पताल में भर्ती करना पड़ा है। हालांकि दोनों ही मामले में संक्रमितों की हालत सामान्य है। डाक्टरों और हेल्थ अफसरों का कहना है कि दोनों ही मामलों में संक्रमितों की हालत जल्द सुधरने की उम्मीद है। गर्भवती माता संक्रमित नहीं है, इसके बावजूद डाक्टरों का उसकी सुरक्षा पर फोकस ज्यादा है।
इतनी छोटी बच्ची को अकेले कैसे छोड़ूं
अंबेडकर अस्पताल में भर्ती 6 साल की बच्ची के साथ रह रही उसकी माता ने भास्कर से कहा - मैं 31 मई को भोपाल के गोविंदपुरा से अपनी मम्मी को वापस मायके छोड़ने रायपुर आई। मां मार्च से भोपाल में ही थी। मां को ट्रेन से लेकर आई, इसलिए बच्ची को साथ लाना स्वाभाविक था। यहां आने के बाद हमने हेल्थ अमले व शासन को सूचना दी। 4 जून को हमारा सैंपल लिया गया और घर में क्वारेंटाइन कर दिया गया। कल रात रिपोर्ट आई तो बेटी पॉजीटिव निकली। मेरी और मम्मी की रिपोर्ट निगेटिव आई। अब बेटी को अकेले अस्पताल में कैसे छोड़ दूं, वह बच्ची है। भले ही मैं गर्भवती हूं, लेकिन मेरी बेटी भी छोटी है। जब तक उसका इलाज नहीं होता और रिपोर्ट निगेटिव नहीं आती है, मैं उसी के साथ रहूंगी। हालांकि मैंने अपनी सुरक्षा का खयाल भी रखा है।
पिता के साथ 4 साल की मासूम पॉजिटिव
बिरगांव में 5 जून को फैक्ट्रीकर्मी के पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद उसके परिवार के 7 सदस्यों का सैंपल लिया गया, जिसकी रिपोर्ट 7 जून को आई। इनमें से 6 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव रही, जिसमें पीड़ित की पत्नी, डेढ़ साल का बेटा, भाई व क्लोज संपर्क वाले शामिल थे, लेकिन 4 साल की बेटी की रिपोर्ट पॉजीटिव आ गई। पॉजीटिव व्यक्ति के भाई ने बताया कि अब बेटी की रिपोर्ट में कोरोना संक्रमित मिलने के बाद उसे भी हेल्थ विभाग वाले माना अस्पताल में ले गए हैं। वहीं उसके पिता पहले से भर्ती हैं, उसके साथ ही बेटी को भी रखा जा रहा है। पिता संक्रमित है, लेकिन वह बच्ची की देखरेख कर सकता है, इसलिए बच्ची को उसी के साथ रखा गया है। अगर पिता पहले ही निगेटिव आ गया, तो भी वह तब तब बच्ची के साथ ही रहेगा, जब तक कि बच्ची भी स्वस्थ न हो जाए।
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