प्रदेश में सोमवार को रायपुर में 9 समेत कोरोना के 124 नए मरीज मिले हैं। इनमें रायपुर के दो बच्चे और 2 पुलिस के जवान भी शामिल हैं। नए मरीजों में मुंगेली से 20, कोरबा से 14, सरगुजा से 10, जांजगीर-चांपा से 9, बलौदाबाजार से 8, रायगढ़ से 7 राजनांदगांव, कोरिया व कांकेर से 5-5, कवर्धा से 6, बिलासपुर से 4, बेमेतरा से 3 और जशपुर से एक मरीज मिला है। रविवार देर रात 20 मरीज मिले थे। वहीं सोमवार की शाम दुर्ग की महिला की कोरोना से मौत हो गई, उसे 2 जून को टीबी के कारण एम्स में भर्ती किया गया था। वह वेंटिलेटर पर थी। प्रदेश में यह छठवीं मौत है। एम्स के डायरेक्टर डॉ. नितिन एम नागरकर ने महिला की मौत की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि टीबी के साथ किडनी फेल था। पहले भी ब्लड कैंसर व एचआईवी की मौत हुई है। इससे पहले बिलासपुर में 2, दुर्ग, रायपुर व जगदलपुर में एक-एक वहीं 5 मरीजों की मौत हो चुकी है। अब प्रदेश में 1199 लोग संक्रमित हो चुके हैं। जबकि एक्टिव केस 858 है। राहत की खबर है कि 24 घंटे में 67 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया है। अभी तक 333 मरीज स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं। दूसरी ओर प्रदेश में अब तक 92598 सेंपलों में 86719 निगेटिव रहा है, जबकि 4721 सैंपलों की जांच की जा रही है। राजधानी समेत रायपुर जिले में पिछले पांच दिनों से लगातार नए मरीज मिल रहे हैं।
रविवार की देर रात तेलीबांधा, डब्ल्यूआरएस कॉलोनी, देवपुरी, बिरगांव व जैनम भवन एयरपोर्ट के पास नए मरीज मिले हैं। सोमवार को मंदिर हसौद थाने में पदस्थ दो जवान व उनके परिजन शामिल हैं दो पुलिस जवान एक निजी अस्पताल में मृत मरीज के संपर्क में आए थे। मरीज कोरोना पॉजिटिव था। रविवार देर रात मिले मरीजों में छह व चार साल की लड़की हैं। इनके परिजन दूसरे राज्यों से आए हैं। इस कारण बच्चों में भी संक्रमण हो गया है। बच्चाें व अन्य मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर दिया गया है। रायपुर जिले में 89 मरीज हो चुके हैं। केवल 11 मरीज स्वस्थ हुए हैं। वहीं एक मरीज की मौत हो चुकी है। लगातार मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण अंबेडकर अस्पताल में 39 मरीजों को भर्ती किया गया है। जबकि माना का काेविड अस्पताल लगभग पैक हो चुका है। अब एम्स के अलावा दुर्ग, कोरबा, बलौदाबाजार जिला अस्पतालों व भिलाई स्थित निजी मेडिकल कॉलेज में भी कोरोना मरीजों का इलाज होने लगा है। इसके पहले माना, अंबिकापुर, बिलासपुर, रायगढ़, जगदलपुर में मरीजाें का इलाज किया जा रहा था। आने वाले दिनों में सभी जिला अस्पतालों में इलाज शुरू करने की तैयारी है। ताकि मरीजों को रायपुर तक लाना न पड़े। इसके लिए डॉक्टरों के अलावा नर्सिंग व पैरामेडिकल स्टाफ को ट्रेनिंग दी जा रही है ताकि आपात स्थिति में मरीजों इलाज शुरू हो सके।
नेहरू मेडिकल कॉलेज में जांच का बढ़ा दबाव, लालपुर में नई मशीन
एम्स में पेंडिंग सैंपल बढ़ने के कारण स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को वहां सैंपल भेजना बंद कर दिया है। अब सैंपल नेहरू मेडिकल काॅलेज व लालपुर भेजा जाएगा। इससे अब इन दोनों जगहों पर जांच का दबाव बढ़ गया है। लालपुर में ट्रू नॉट नई मशीन भेजी गई है, जिससे रोजाना 200 से 300 सैंपलों की जांच की जा सके। नेहरू मेडिकल कॉलेज में वर्तमान में 300 से 350 सैंपलों की जांच रोजाना की जा रही है। इसे 500 से 600 किया जाएगा। माइक्रो बायोलॉजी विभाग के एचओडी डॉ. अरविंद नेरल ने बताया कि सोमवार को ज्यादा सैंपल आए हैं, इनकी जांच चल रही है। एम्स में सैंपलाें का बैकलाॅग खत्म हाेने के बाद, तब वहां सैंपल भेजा जाएगा। इसमें 10 से 11 दिन लग सकते हैं। वहां रिपोर्ट आने में 12 से 13 दिन लग रहे हैं। इस कारण प्रबंधन ने नया सैंपल लेने से इनकार कर दिया था।
"नेहरू मेडिकल कॉलेज व लालपुर में जांच की क्षमता बढ़ाई जा रही है। नई मशीन भेज दी गई है ताकि ज्यादा से ज्यादा सैंपलों की जांच हो सके। नए मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है।"
-डॉ. अखिलेश त्रिपाठी, प्रवक्ता कोरोना सेल
राज्यपाल को हेल्थ सचिव ने बताया - बढ़ सकते हैं कोरोना के मामले इसलिए स्टेडियम को बना रहे हॉस्पिटल
राज्यपाल अनुसुइया उइके ने कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए सोमवार को मुख्य सचिव आरपी मंडल समेत अफसरों को राजभवन तलब किया। इस दौरान स्वास्थ्य सचिव निहारिका बारिक सिंह ने बताया कि स्थिति चिंताजनक है। भविष्य में मामले बढ़ सकते हैं, इसलिए इंडोर स्टेडियम में 150 और सुभाष स्टेडियम में 70 बिस्तर का हॉस्पिटल बनाया जा रहा है। अन्य स्थानों में भी इसी प्रकार के कोरोना के इलाज के लिए अस्पताल तैयार किए जाएंगे।
राज्यपाल ने अफसरों से कहा कि अब कोरोना से निर्णायक लड़ाई का समय है, इसलिए रोकथाम के ठोस उपाय किए जाएं। क्वारेंटाइन सेंटर में ज्यादा से ज्यादा टेस्ट किए जाएं। यह सुनिश्चित करें कि कोई भी सेंटर न छूटे। राज्यपाल उइके ने क्वारेंटाइन सेंटर व कोरोना संक्रमण से हुई मौत के लिए संबंधित परिवार को मुआवजा देने सरकार से नीतिगत निर्णय लेने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि प्रवासी मजदूरों को उनके कौशल के आधार पर बैंकों से बिना गारंटी का कर्ज देना चाहिए। राज्यपाल ने आश्वस्त किया कि कोरोना से बचाव के लिए केंद्र सरकार से किसी भी प्रकार की मदद की अपेक्षा है तो उन्हें बताएं, वे अपने स्तर पर पहल करेंगी।
केंद्र से मांगी अतिरिक्त सहायता राशि: मुख्य सचिव मंडल ने बताया कि कोरोना की रोकथाम के लिए राज्य में पुख्ता व्यवस्था की जा रही है। जो श्रमिक बाहर से आए हैं, उनके लिए रोजगार की व्यवस्था की गई है। एक दिन में करीब 26 लाख श्रमिक मनरेगा के तहत काम कर रहे हैं। मंडल ने राज्यपाल से मनरेगा का कार्य दिवस प्रदेश में 200 दिन करने का आग्रह किया। साथ ही, आने वाले दिनों में संक्रमण के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए केंद्र सरकार से सहायता राशि दिलाने का आग्रह किया। एसीएस गृह सुब्रत साहू ने बताया कि अंतरराज्यीय परिवहन के रोक को यथावत रखा गया है। शॉपिंग मॉल और मल्टीप्लेक्स पर भी फिलहाल रोक बनी रहेगी।
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