लोहंडीगुड़ा ब्लॉक के 56 शिक्षकों के भारतीय स्टेट बैंक खाते पर खंड शिक्षा अधिकारी ने होल्ड लगवा दिया है। जिसके बाद इन खातों में किसी तरह का लेनदेन नहीं हो पा रहा है। स्थिति यह है कि इन शिक्षकों के सामने अब खाने के लाले भी पड़ गए हैं। जो यहां से बाहर गए उनके पास वापसी के लिए रकम नहीं है खाते पर रोक लग जाने से उसमें किसी से रकम भी नहीं मंगवापा रहे हैं।
शिक्षकों ने बताया कि कोरोना संक्रमण के चलते लॉकडाउन हो गया था जो बाहर गए थे वे वहीं पर फंस गए आने जाने के कोई साधन नहीं होने से वे यहां नहीं आ पाए। लेकिन इनमें कई शिक्षक ऐसे भी हैं जो ब्लॉक नहीं अपने घर पर हैं उनके खाते पर भी रोक लगा दी गई है। कुछ शिक्षकों ने आरोप लगाया कि बीईओ नगद राशि लेने के बाद ही खाता से ओल्ड हटाने का निर्देश दे रहे हैं।
भारतीय स्टेट बैंक के प्रभारी प्रबंधक ने बताया कि खंड शिक्षा अधिकारी के पत्र के आधार पर उन्होंने संबंधित शिक्षक के बैंक खाते पर रोक लगाई है जिसके बाद से उसमें लेन-देन बंद है लेकिन बीईओ के निर्देश पर उन्होंने इनमें से कई शिक्षकों के वेतन खाता से होल्ड हटाया जा रहा है। इसमें खास बात यह है कि बीईओ के बोलने पर बैंक कर्मचारियों ने खाता होल्ड भी कर दिया।
पहले नोटिस देना था
इधर संयुक्त शिक्षाकर्मी संघ के अध्यक्ष शैलेंद्र तिवारी ने बताया कि कोरोना संक्रमण काल में और लॉक डाउन के चलते शिक्षक नहीं पहुंच पाए ऐसी स्थिति में उन्हें नोटिस दिया जाना चाहिए था, उनका वेतन रोक सकते थे, लेकिन खाता में लेन देन रोक लगा देने से अब उनके सामने बड़ी समस्या उठ खड़ी हुई है। शिक्षकों के वेतन के अलावा अन्य रकम भी उनके खाते में जमा हैं, जिसे भी वे नहीं निकाल पा रहे हैं।
होली के पहले से नहीं आए
खंड शिक्षा अधिकारी चंद्रशेखर यादव ने बताया कि बिना सूचना के होली के पहले से ही ये शिक्षक गायब हैं। जबकि कोरोना संक्रमण काल में अन्य शिक्षक और कर्मचारी बाकायदा ड्यूटी कर रहे हैं। इन्होंने अपने गायब रहने के संबंध में कोई सूचना भी नहीं दी है। किसी ने अवकाश भी नहीं लिया है। जिसके चलते 56 शिक्षकों का बैंक खाता में 1 महीने का वेतन होल्ड किया गया है। शिक्षक के आने के बाद खाता से होल्ड हटाने के आदेश दे रहे हैं।
खाता होल्ड करवाना गलत है
विधायक राजमन बेंजाम ने बताया कि शिक्षकों के खाता पर होल्ड लगाना गलत है, यदि कोई बात थी तो विभागीय कार्रवाई होना चाहिए। खाता से होल्ड हटाया जाएगा, जिससे शिक्षकों को राहत मिल सके।
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